विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग बाबा महाकाल मंदिर में अंग्रेजी नववर्ष के अवसर पर बदली गई दर्शन व्यवस्था को लेकर विवाद की स्थिति बन गई है। भारी भीड़ के मद्देनज़र प्रशासन द्वारा किए गए अस्थायी बदलावों से असंतुष्ट स्थानीय श्रद्धालुओं ने शनिवार को मंदिर के गेट पर धरना-प्रदर्शन किया।

प्रदर्शन कर रहे श्रद्धालुओं का कहना है कि वे पिछले 15 से 20 वर्षों से नियमित रूप से बाबा महाकाल के दर्शन करते आ रहे हैं और उनके लिए अलग प्रवेश व्यवस्था पूर्व से चली आ रही थी। श्रद्धालुओं का आरोप है कि इस बार प्रशासन ने उनकी विशेष प्रवेश सुविधा बंद कर उन्हें सामान्य कतार में लगने के लिए मजबूर कर दिया, जिससे बुजुर्गों और महिलाओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

धरने पर बैठे स्थानीय दर्शनार्थियों ने मांग की कि गेट नंबर-4 को तत्काल खोला जाए, ताकि नियमित और स्थानीय श्रद्धालुओं को राहत मिल सके। उनका कहना है कि वे पर्यटन के उद्देश्य से नहीं, बल्कि आस्था के कारण प्रतिदिन दर्शन के लिए आते हैं, इसलिए उन्हें सामान्य भीड़ के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।

प्रशासन की सफाई

मौके पर पहुंचे एसडीएम ने श्रद्धालुओं से चर्चा करते हुए बताया कि 25 दिसंबर से 5 जनवरी तक श्रद्धालुओं की अत्यधिक भीड़ और सुरक्षा कारणों को देखते हुए दर्शन व्यवस्था में अस्थायी परिवर्तन किए गए हैं। प्रशासन का प्राथमिक उद्देश्य श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुगम दर्शन सुनिश्चित करना है।

हालांकि, स्थानीय लोगों के विरोध को देखते हुए प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि उनकी मांगों को वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचाया जाएगा। साथ ही, फेस रिकॉग्निशन आधारित प्रवेश व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं की भी समीक्षा कर जल्द समाधान निकालने की बात कही गई है।

फिलहाल, प्रशासन और श्रद्धालुओं के बीच संवाद के बाद स्थिति शांत बनी हुई है, लेकिन स्थानीय दर्शनार्थियों की विशेष प्रवेश व्यवस्था को लेकर निर्णय का इंतजार किया जा रहा है।

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