उज्जैन में सिस्टम की बेरुखी से परेशान एक किसान ने अपनी व्यथा प्रशासन के सामने अनोखे तरीके से रखी। घट्टिया तहसील के उटेसरा गांव निवासी किसान रामलाल राजोरिया ने अपनी पत्नी के साथ गले में आवेदनों की माला पहनकर और घुटनों के बल रेंगते हुए कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर न्याय की मांग की। उनका यह प्रदर्शन देख वहां मौजूद अधिकारी और आम लोग दंग रह गए।

रामलाल का कहना है कि उज्जैन-गरोठ हाईवे के निर्माण के कारण उनके खेत का मार्ग पूरी तरह बंद हो गया है। हाईवे के कारण खेतों के बीच से निकले लगभग 15 फीट ऊंचे रास्ते तक अब उनका पहुँचना नामुमकिन हो गया है। पिछले दो सालों से किसान अपने खेत में कदम तक नहीं रख पा रहा है और इस वजह से उनकी खेती ठप पड़ी हुई है।

रामलाल ने पहले भी मुख्यमंत्री से हेलिकॉप्टर के माध्यम से खेत तक पहुँचने की अनुमति मांगने का प्रयास किया था, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई। थक-हारकर और न्याय की गुहार लेकर उन्होंने यह अनोखा प्रदर्शन किया।

कलेक्टर की प्रतिक्रिया और कार्रवाई

किसान की इस मार्मिक फरियाद को सुनकर कलेक्टर कार्यालय ने तुरंत एसडीएम को फोन कर समस्या का समाधान करने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन का कहना है कि किसान को उसके खेत तक पहुँच सुनिश्चित कराने के लिए जल्द से जल्द उपाय किए जाएंगे।

किसानी और विकास का द्वंद

रामलाल का मामला इस बात को उजागर करता है कि किस प्रकार विकास और हाईवे निर्माण के चलते छोटे किसानों की जमीन और कृषि प्रभावित हो रही है। यह घटना एक चेतावनी है कि विकास की प्रक्रिया में ग्रामीण और छोटे किसानों की समस्याओं को अनदेखा नहीं किया जाना चाहिए।

अब यह देखना होगा कि शासन और प्रशासन कब तक इस बेबस किसान को उसके खेत तक सुरक्षित पहुँच सुनिश्चित कराते हैं। ग्रामीण किसान लगातार न्याय की गुहार लगा रहे हैं, और प्रशासन के लिए यह चुनौती है कि विकास और किसानों के हित के बीच संतुलन बनाए रखा जाए।

PUBLICFIRSTNEWS.COM

Share.
Leave A Reply