मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज प्रातः काल कृषि और उससे जुड़े सहायक विभागों के अधिकारियों के साथ एक व्यापक समीक्षा बैठक आयोजित की, जिसमें उन्होंने आगामी कृषि वर्ष के तहत निर्धारित लक्ष्यों, योजनाओं और तैयारियों का विस्तृत मूल्यांकन किया। बैठक का मुख्य उद्देश्य कृषि क्षेत्र को और अधिक सशक्त, लाभदायी और आत्मनिर्भर बनाना बताया गया।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे भविष्य की कृषि रणनीतियों पर विशेष ध्यान दें और किसानों के हित में नवीन योजनाओं तथा तकनीकों का शीघ्र क्रियान्वयन सुनिश्चित करें। डॉ. यादव ने कहा कि कृषि राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और इसे मजबूत करना सर्वोच्च प्राथमिकता है।
इसके साथ ही प्रदेश में कृषि क्षेत्र के लिए कुछ ताज़ा घोषणाएँ और योजनाएँ भी सामने आई हैं। हाल ही में मुख्यमंत्री ने सोयाबीन किसानों के खातों में 810 करोड़ रुपये सीधे ट्रांसफर किए हैं, जिससे 3.77 लाख से अधिक किसानों को बड़ा आर्थिक लाभ मिला है; यह कदम भावांतर योजना के तहत लिया गया है, जो किसानों के लिए MSP और बाज़ार भाव के बीच के अंतर की भरपाई सुनिश्चित करता है।
डॉ. यादव ने समीक्षा बैठक में उद्योग-खेती के समन्वय, उच्च तकनीकी मंडियों, सूक्ष्म जल संसाधन और जैविक कृषि मार्केटों पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि किसान न केवल उत्पादन करें, बल्कि उत्पाद को बेहतर दाम और विपणन समर्थन भी मिले।
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