प्रयागराज, 3 जनवरी 2026 — तीर्थराज प्रयागराज के त्रिवेणी संगम तट पर आज सुबह से ही माघ मेला 2026 की भव्य शुरुआत हो गई है। ‘पौष पूर्णिमा’ के पवित्र दिन पर गंगा-यमुना-सरस्वती के संगम में लाखों श्रद्धालु ठंडी शीतल जल में पवित्र आस्था की डुबकी लगाते हुए पुण्य अर्जित कर रहे हैं।

ब्रह्म मुहूर्त से संगम घाटों पर श्रद्धालुओं की लम्बी कतारें दिखी, जहाँ बच्चों, युवाओं, वरिष्ठ नागरिकों व कल्पवासियों ने अपने पारिवारिक परंपरागत स्नान के साथ ही आध्यात्मिक एवं धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लिया।

इस वर्ष के माघ मेले को पिछले वर्षों की तुलनाओं से बड़ा और व्यवस्थित रूप दिया गया है। घाटों पर नई पंटून पुलें तथा विस्तारित स्नान ghats तैयार किए गये हैं ताकि भीड़-व्यवस्था और सुरक्षा बेहतर ढंग से संभाली जा सके

पहले स्नान पर्व पर भीड़ और मौसम की मार

इस वर्ष कड़कती सर्दी के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं है। संगम के तट पर ठंडे जल में डुबकी लगाते हुए श्रद्धालु अपनी श्रद्धा और भक्ति का भाव व्यक्त कर रहे हैं। प्रशासन के अनुमान के अनुसार पहले दिन लगभग 20 से 30 लाख श्रद्धालु संगम में स्नान कर सकते हैं।

प्रातः 10 बजे तक लगभग 9 लाख श्रद्धालुओं ने पवित्र स्नान किया, और दिन बढ़ने के साथ यह संख्या और अधिक होने का अनुमान है। T

आज से ही कई भक्त कल्पवास का संकल्प लेकर 30 दिनों के लिए संगम परिसर में प्रवास करना शुरू कर देंगे। कल्पवास में जाने वाले साधु-भक्त प्रतिदिन दो बार स्नान कर ध्यान, पूजा तथा ब्रह्मचर्य का पालन करते हैं। इस वर्ष कल्पवासियों की संख्या भी काफी अधिक रहने का अनुमान है, जिससे मेले परिसर के लिए अलग-अलग सुविधाएं बनाई गयी हैं ।

मेला प्राधिकरण ने ‘प्रयागवाल नगर’ नामक एक विशेष कल्पवास-टाउनशिप का भी निर्माण किया है, जहाँ लाखों कल्पवासी ठहरेंगे और शीत काल में राहत के लिए बोनफायर तथा अन्य सुविधाएँ उपलब्ध करायी गयी हैं।

प्रशासन की ओर से सख्त सुरक्षा और भीड़-प्रबंधन के पुख्ता इंतज़ाम किये गये हैं। 10,000 से अधिक पुलिस, पैरामिलिटरी बल तथा निगरानी के लिए CCTV, पंटून पुलों पर व्यवस्था, चिकित्सा टेंट तथा भोजन सुविधाएँ तैनात हैं ताकि श्रद्धालुओं को आरामदायक और सुरक्षित अनुभव मिले।

नए ‘मेला सेवा ऐप’ के ज़रिये बिजली-पानी, शिकायत और सहायता सुविधाओं को भी आसान बनाया गया है।

माघ मेला 2026 का आयोजन 3 जनवरी से 15 फरवरी 2026 तक चलेगा और इस दौरान छह प्रमुख ‘शाही स्नान’ होंगे:

  • पौष पूर्णिमा – 3 जनवरी
  • मकर संक्रांति – 14 जनवरी
  • मौनी अमावस्या – 18 जनवरी
  • बसंत पंचमी – 23 जनवरी
  • माघी पूर्णिमा – 1 फरवरी
  • महाशिवरात्रि स्नान – 15 फरवरी

ये स्नान तिथियाँ माघ मेला का मुख्य आकर्षण हैं, जिन पर देश-विदेश से श्रद्धालु पवित्रता और आत्मिक शांति की खोज में उपस्थित होते हैं।

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