आज की ये खबर सिर्फ़ एक विधायक की नहीं है।
आज सवाल सिस्टम का है।

मध्यप्रदेश में सत्तारूढ़ दल भाजपा के एक विधायक सामने आते हैं…
हनी ट्रैप का आरोप लगाते हैं…
2 करोड़ रुपये की मांग की बात कहते हैं…
और कहते हैं कि पुलिस FIR तक दर्ज नहीं कर रही।

अब ज़रा रुकिए।

अगर आरोप झूठे हैं—
तो FIR क्यों नहीं, जांच क्यों नहीं?

और अगर आरोप सच हैं—
तो क्या वाकई अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हो चुके हैं
कि विधायक तक से वसूली हो रही है?

और सबसे बड़ा सवाल—
पुलिस ने फैसला कब कर लिया कि जांच की जरूरत ही नहीं?

क्या सिस्टम अब अन्तरयामी हो गया है?

धरमपुरी से भाजपा विधायक कालू सिंह ठाकुर
ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आरोप लगाया है कि
उन्हें हनी ट्रैप में फँसाने की कोशिश की गई
और उनसे 2 करोड़ रुपये की मांग की गई।

विधायक का दावा है कि
एक महिला, एक स्थानीय व्यक्ति के साथ मिलकर
फोन पर गाली-गलौज और कानूनी फँसाने की धमकी देती रही।

विधायक के अनुसार—
उन्होंने 25 दिसंबर को थाने में शिकायत की,
27 दिसंबर को IG को जानकारी दी,
लेकिन अब तक कोई FIR नहीं।

अब सवाल ये नहीं कि
विधायक क्या बता रहे हैं…

सवाल ये है कि
पुलिस सुन क्यों नहीं रही?

PUBLICFIRSTNEWS.COM

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