1. मुख्यमंत्री के निर्देश और प्रशासनिक तैयारी
  • मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के स्पष्ट निर्देशों के अनुसार आयोजन शांतिपूर्ण और ऐतिहासिक रूप से संपन्न हुआ।
  • दावोस रवाना होने से पहले मुख्यमंत्री के दिशा-निर्देश कारगर साबित हुए; जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा।
  • प्रशासन और पुलिस ने मुख्यमंत्री के दिशा-निर्देशों का पूरी निष्ठा से पालन किया।
  • शासन स्तर पर सतत मॉनिटरिंग से सुरक्षा और व्यवस्थाएं मजबूत रहीं।
2. पूजा और धार्मिक कार्यक्रम
  • भोजशाला परिसर में आस्था, उत्साह और सौहार्द के साथ भव्य आयोजन हुआ।
  • सूर्योदय से मां वाग्देवी पूजन, हवन-पाठ और महाआरती से भक्तिमय माहौल बना।
  • शोभायात्रा और धर्मसभा में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ा।
  • पूजा और नमाज दोनों कार्यक्रम पूर्ण शांति, अनुशासन और सुरक्षा के बीच संपन्न हुए।
  • निर्धारित समय पर नमाज संपन्न, संवेदनशील व्यवस्था की सराहना।
  • लंबी कतारों के बावजूद दर्शन व्यवस्था सुव्यवस्थित और सुगम रही।
  • दोनों समुदायों में संवाद और समन्वय से बना सौहार्द।
3. सुरक्षा और निगरानी
  • 8000+ पुलिस, CRPF और RAF जवानों की तैनाती से अभेद्य सुरक्षा।
  • 1000+ महिला पुलिसकर्मियों की मौजूदगी से भरोसा बढ़ा।
  • आयोजन की निगरानी में 13 IPS और 25 ASP अधिकारी शामिल।
  • 300 मीटर क्षेत्र में कड़ा सुरक्षा घेरा और नो-फ्लाई जोन लागू
  • 1000+ CCTV, ड्रोन और AI तकनीक से हर जगह नजर रखी गई।
  • थ्रीडी मैपिंग और कंट्रोल रूम के माध्यम से रियल टाइम मॉनिटरिंग
  • संवेदनशील स्थलों पर अतिरिक्त बल तैनात।
  • धारा 163 के तहत प्रतिबंधों का सख्ती से पालन।
  • पेट्रोल-डीजल और मदिरा विक्रय पर कड़ा प्रतिबंध।
  • हथियार और आपत्तिजनक सामग्री पर पूरी तरह रोक।
4. सोशल मीडिया और मीडिया प्रबंधन
  • सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट पर त्वरित कार्रवाई।
  • प्रचार सामग्री पर संयमित भाषा के निर्देश लागू।
  • प्रिंटिंग प्रेसों की सतत निगरानी।
  • मीडिया को समय-समय पर अधिकृत जानकारी उपलब्ध कराई गई, जिससे पारदर्शिता बढ़ी।
5. नागरिक सहभागिता और समन्वय
  • प्रशासन और नागरिकों के बीच लगातार संवाद।
  • मोहल्ला समितियों और समाज प्रतिनिधियों के साथ नियमित बैठकें।
  • आमजन का प्रशासन को मिला पूरा सहयोग।
6. कार्रवाई और कानून व्यवस्था
  • 4526 लोगों पर निवारक कार्रवाई, अपराध नियंत्रण में बड़ी सफलता।
  • अवैध गतिविधियों पर जांच दलों का सघन अभियान।
  • संभागायुक्त, कलेक्टर और वरिष्ठ अधिकारियों का सतत फील्ड निरीक्षण।
7. आयोजन की सफलता और सकारात्मक संदेश
  • आयोजन बना अनुशासन, आस्था और सुशासन का मॉडल
  • मोहन सरकार की दूरदर्शिता, सख्ती और संवेदनशीलता का प्रभाव स्पष्ट हुआ।
  • आस्था और प्रशासन के समन्वय से प्रदेश को सकारात्मक संदेश मिला।
  • उत्साह + श्रद्धा + अनुशासन = भोजशाला की ऐतिहासिक सफलता।
  • आयोजन ने सरकार की कार्यकुशलता और सुशासन की मजबूत पहचान बनाई।

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