77वें गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने गृह नगर उज्जैन में शिप्रा तट पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया। यह ऐतिहासिक क्षण रहा, क्योंकि पहली बार किसी मुख्यमंत्री ने इस पवित्र स्थल पर तिरंगा लहराया। कार्तिक मेला ग्राउंड में आयोजित मुख्य समारोह में मुख्यमंत्री ने परेड की सलामी भी ली।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने संबोधन में राज्य के विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण ऐलान किए। उन्होंने कहा कि इंदौर, उज्जैन और भोपाल तथा इनके आसपास के क्षेत्रों को जोड़कर एक मेट्रोपॉलिटन सिटी विकसित करने की योजना पर सरकार काम कर रही है, जिससे क्षेत्रीय विकास को नई गति मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार द्वारा अब तक डेढ़ लाख से अधिक जरूरतमंद नागरिकों को विधिक सहायता प्रदान की जा चुकी है। साथ ही उन्होंने सांदीपनि आश्रम के भव्य विकास, शिक्षा के क्षेत्र में सुधार और स्कूलों की ड्रॉप-आउट दर को शून्य प्रतिशत तक लाने के लिए किए जा रहे प्रयासों का भी उल्लेख किया।
इस वर्ष गणतंत्र दिवस समारोह को विशेष रूप से सिंहस्थ मेले के प्रचार और तैयारियों के उद्देश्य से कार्तिक मेला ग्राउंड क्षेत्र में आयोजित किया गया। उल्लेखनीय है कि दो वर्षों बाद उज्जैन में विश्व प्रसिद्ध सिंहस्थ मेला आयोजित होने वाला है, जिसके मद्देनज़र यह आयोजन प्रतीकात्मक रूप से अहम माना जा रहा है।
गणतंत्र दिवस का यह आयोजन उज्जैन के लिए गौरवपूर्ण रहा, जिसमें राष्ट्रभक्ति, विकास और सांस्कृतिक चेतना का संदेश एक साथ देखने को मिला।
PUBLICFIRSTNEWS.COM
