टीकमगढ़ जिला अस्पताल से एक बार फिर स्वास्थ्य व्यवस्था की बदहाली को उजागर करने वाली शर्मनाक तस्वीर सामने आई है। महिला वार्ड में भर्ती एक मरीज को ग्लूकोज़ चढ़ाने के लिए अस्पताल में बुनियादी सुविधा तक उपलब्ध नहीं थी। मजबूरी में महिला के साथ आया परिजन खुद हाथ में ग्लूकोज़ की बोतल पकड़े खड़ा नजर आया।
यह दृश्य जिले के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल का है, जहां इलाज के नाम पर मरीजों और उनके परिजनों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हैरानी की बात यह है कि अस्पताल में बॉटल स्टैंड जैसी सामान्य सुविधा तक मौजूद नहीं है, जो किसी भी स्वास्थ्य संस्थान की प्राथमिक आवश्यकता मानी जाती है।
गौरतलब है कि करीब 9 महीने पहले भी इसी तरह का एक वीडियो सामने आया था, जिसमें एक मासूम बच्चा अपने बीमार पिता की ग्लूकोज़ बोतल पकड़े खड़ा दिखाई दिया था। उस वक्त भी स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे थे, लेकिन हालात आज भी जस के तस बने हुए हैं।
लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाएं यह सवाल खड़े करती हैं कि करोड़ों रुपये के बजट के बावजूद जिला अस्पताल में मरीजों को बुनियादी सुविधाएं क्यों नहीं मिल पा रही हैं। क्या सरकारी अस्पतालों में इलाज अब परिजनों के भरोसे छोड़ दिया गया है?
अब देखना यह होगा कि इस बार वीडियो वायरल होने के बाद जिम्मेदार अधिकारियों पर कोई ठोस कार्रवाई होती है या फिर मामला एक बार फिर जांच के नाम पर दबा दिया जाएगा।
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