रायसेन के खेल स्टेडियम में आज का दिन खेल, राजनीति और जनभावनाओं के अद्भुत संगम के रूप में दर्ज हुआ। सांसद खेल महोत्सव के समापन समारोह ने न सिर्फ खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों में उत्साह भरा, बल्कि मंच से विकास, पर्यटन और जनहित से जुड़ी बड़ी घोषणाओं के साथ राजनीतिक संदेश भी स्पष्ट कर दिया। समारोह में केंद्रीय कृषि मंत्री एवं विदिशा सांसद श्री शिवराज सिंह चौहान, भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार ऑल-राउंडर रवींद्र जडेजा समेत कई वरिष्ठ मंत्री और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
दीप प्रज्ज्वलन और कन्यापूजन के साथ शुरू हुआ यह आयोजन देखते-देखते विशाल जनसमूह के जोश में तब्दील हो गया। मैदान में क्रिकेट और कबड्डी के फाइनल मुकाबले खेले जा रहे थे, तो स्टेडियम की गैलरी तालियों और नारों से गूंज रही थी। पूरे रायसेन में खेल का उत्सव साफ दिखाई दे रहा था।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने रवींद्र जडेजा की खुलकर सराहना की। उन्होंने कहा कि “जडेजा सिर्फ एक खिलाड़ी नहीं, बल्कि जज़्बा, जुनून और जीत की पारी का नाम हैं। जो बल्लेबाजी, गेंदबाजी और फील्डिंग—तीनों विभागों में कमाल करे, वही सच्चा ऑल-राउंडर होता है और वही युवाओं के लिए सबसे बड़ी प्रेरणा बनता है।”
उन्होंने सांसद खेल महोत्सव को आनंद, प्रेम और स्नेह का महाकुंभ बताते हुए कहा कि इस आयोजन के जरिए खेल को गांव-गांव तक पहुंचाया गया है। जिले की 952 पंचायतों में प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं, जिनमें करीब एक लाख खिलाड़ियों ने भाग लिया। कई जगह सास-बहू और मां-बेटी एक ही टीम में खेलती नजर आईं, जो सामाजिक समरसता की एक खूबसूरत तस्वीर पेश करती है।
समारोह के दौरान रायसेन को पर्यटन के क्षेत्र में एक बड़ी सौगात भी मिली। केंद्रीय मंत्री ने मंच से घोषणा की कि रायसेन किले तक रोपवे निर्माण को केंद्र सरकार से मंजूरी मिल चुकी है। इसके साथ ही किले के ऊपर एक भव्य म्यूजियम बनाया जाएगा और पूरे क्षेत्र का पर्यटन के लिहाज से सौंदर्यीकरण किया जाएगा। जैसे ही यह घोषणा हुई, मैदान ‘शिवराज सिंह चौहान जिंदाबाद’ के नारों से गूंज उठा और जनता ने फैसले का जोरदार स्वागत किया।
शिक्षा और किसान हितों को लेकर भी मंच से महत्वपूर्ण ऐलान किए गए। रायसेन में मेडिकल कॉलेज खोलने की घोषणा पहले ही हो चुकी है, जबकि 12, 13 और 14 अप्रैल को रायसेन में किसान कुंभ और किसान मेला आयोजित किया जाएगा। श्री चौहान ने भावुक अंदाज़ में कहा कि बच्चों की मुस्कान ही उनकी सबसे बड़ी सफलता है और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए “मामा” कोई कसर नहीं छोड़ेगा।
इस अवसर पर भारतीय क्रिकेट टीम के ऑल-राउंडर रवींद्र जडेजा ने भी रायसेन स्टेडियम की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि यह स्टेडियम किसी भी अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम से कम नहीं लगता और यहां आकर उन्हें किसी इंटरनेशनल वेन्यू पर होने का एहसास हुआ। जडेजा के इस बयान से आयोजन समिति का उत्साह बढ़ा और स्थानीय खेल प्रेमियों में खुशी की लहर दौड़ गई।
हालांकि आयोजन भव्य रहा, माहौल उत्सवी था और खेलों को भरपूर बढ़ावा मिला, लेकिन जमीनी हकीकत से जुड़े कुछ सवाल भी सामने आए। बार-बार रूट बदले जाने से क्या जनता की परेशानियां खत्म होंगी, जिस सड़क की जरूरत सालों से महसूस की जा रही है वह अब तक क्यों नहीं बनी, और सांसद मुख्यालय रायसेन को विकास के नाम पर अब तक क्या ठोस मिला—ये सवाल अब भी कायम हैं। टीम की लगातार खबरों के बाद भले ही अतिथियों का रूट बदला गया हो, लेकिन सड़क की स्थिति आज भी जस की तस बनी हुई है।
पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान सांसद से जनता अब सीधे सवाल कर रही है कि मंच से घोषणाएं तो बहुत होती हैं, लेकिन जमीन पर बदलाव कब नजर आएगा। सांसद खेल महोत्सव ने खेल, उत्साह और विकास की उम्मीद जरूर जगाई है, लेकिन अब असली परीक्षा मैदान के बाहर होगी—सड़कों, सुविधाओं और वास्तविक जमीनी कामों पर।
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