शिव नवरात्रि के शुभारंभ के साथ ही बाबा महाकाल के दरबार में आज से उत्सव का माहौल बन गया है। शिव नवरात्रि के पहले दिन भगवान महाकाल को साकार रूप में दूल्हा बनाकर विशेष श्रृंगार किया गया। भांग से आकर्षक श्रृंगार कर बाबा को चांदी का मुकुट पहनाया गया, जिससे महाकाल का दिव्य स्वरूप श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर गया।
शिव नवरात्रि के दौरान नौ दिनों तक बाबा महाकाल का प्रतिदिन अलग-अलग स्वरूपों में श्रृंगार किया जाएगा। इस दौरान भस्म आरती से लेकर शयन आरती तक बाबा को दूल्हे के रूप में सजाया जाएगा। उल्लेखनीय है कि शिव नवरात्रि उत्सव देश के बारह ज्योतिर्लिंगों में से केवल उज्जैन के श्री महाकालेश्वर मंदिर में ही विशेष रूप से मनाया जाता है।
शिव नवरात्रि के पहले दिन आज बाबा महाकाल को दूध, दही और घी से स्नान कराया गया। इसके बाद चंदन, इत्र, केसर सहित सुगंधित द्रव्यों से लेपन कर दूल्हे की रस्में पूर्ण की गईं। बाबा को विशेष वस्त्रों से श्रृंगारित किया गया और ब्राह्मणों द्वारा विधि-विधान से अभिषेक कर मंत्रोच्चारण किया गया।
परंपरा के अनुसार, शिव नवरात्रि के नौ दिनों तक बाबा महाकाल को दूल्हे के रूप में तैयार किया जाता है, ठीक उसी तरह जैसे विवाह से पूर्व दूल्हे की तैयारियाँ की जाती हैं। महाशिवरात्रि के दिन भगवान महाकाल का विवाह उत्सव धूमधाम से संपन्न होगा।
बाबा महाकाल के इस अलौकिक श्रृंगार और शिव नवरात्रि उत्सव को देखने के लिए देश-विदेश से श्रद्धालु उज्जैन पहुंच रहे हैं, जिससे महाकाल नगरी में भक्ति और उत्साह का वातावरण बना हुआ है।
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