महाकाल की नगरी उज्जैन एक बार फिर आस्था, कला और संस्कृति के विराट उत्सव विक्रमोत्सव 2026 की साक्षी बनने जा रही है। महाशिवरात्रि के पावन अवसर से प्रारंभ होने वाला यह महोत्सव 30 जून 2026 तक आयोजित किया जाएगा। उत्सव का भव्य उद्घाटन 15 फरवरी को मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा किया जाएगा।
उद्घाटन समारोह की शुरुआत देश के सुप्रसिद्ध संगीतकार प्रीतम की विशेष संगीतमय प्रस्तुति ‘शिवोऽहम’ से होगी, जो आध्यात्मिकता और संगीत का अद्भुत संगम प्रस्तुत करेगी।
41 से अधिक गतिविधियाँ, 4 हजार से ज्यादा कलाकार
विक्रमोत्सव 2026 के अंतर्गत 41 से अधिक सांस्कृतिक, शैक्षणिक और आध्यात्मिक गतिविधियाँ आयोजित की जाएंगी। इस दौरान देश और विदेश से 4,000 से अधिक कलाकार अपनी प्रस्तुतियाँ देंगे। आयोजन में 25 देशों की अंतरराष्ट्रीय भागीदारी देखने को मिलेगी, जो इसे वैश्विक स्वरूप प्रदान करेगी।
अंतरराष्ट्रीय आयोजन होंगे आकर्षण का केंद्र
विक्रमोत्सव 2026 को सिंहस्थ महाकुंभ के पूर्वरंग के रूप में भी देखा जा रहा है। इस दौरान कालगणना, शिवपुराण और 84 महादेव से जुड़े विशेष आयोजन होंगे, जो उज्जैन की धार्मिक और पौराणिक पहचान को और सशक्त करेंगे।
“विरासत भी, विकास भी और विश्वास भी” की थीम पर आधारित यह आयोजन उज्जैन को एक बार फिर विश्व सांस्कृतिक मानचित्र पर सशक्त रूप से स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
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