उत्तर प्रदेश की योगी सरकार पर्यावरण संरक्षण और जलवायु परिवर्तन जैसे विषयों पर ग्रामीणों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए लगातार जागरूकता अभियान चला रही है। इसी क्रम में ग्राम पंचायत स्तर पर ग्रीन चौपालों का आयोजन किया जा रहा है।

ग्रीन चौपाल के माध्यम से पर्यावरण व अनुकूल जीवन शैली को अपनाने, कृषि वानिकी के सतत कृषि वन मॉडल को प्रोत्साहित करने और सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी ग्रामीणों तक पहुंचाई जा रही है, ताकि अधिक से अधिक लोग इनका लाभ उठा सकें। साथ ही सरकार पारंपरिक पर्यावरणीय ज्ञान को पुनर्स्थापित करने का भी प्रयास कर रही है। बांदा जिले में अब तक लगभग 90 ग्राम पंचायतों में ग्रीन चौपाल का आयोजन किया जा चुका है। इन चौपालों के माध्यम से ग्राम पंचायतों को ईको-फ्रेंडली बनाने के लिए लोगों को जागरूक किया जा रहा है।

पर्यावरण संरक्षण को जन आंदोलन बनाने की पहल

दरअसल, उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा ग्रीन चौपाल की शुरुआत पर्यावरण संरक्षण को जन आंदोलन का स्वरूप देने के उद्देश्य से की गई है। इसका लक्ष्य वर्ष 2030 तक राज्य में हरित क्षेत्र को बढ़ाकर 15 प्रतिशत करना है। ये चौपाल प्रत्येक महीने के तीसरे शुक्रवार को आयोजित की जाती हैं। बांदा जिले में अब तक लगभग 90 ग्राम पंचायतों में इनका आयोजन हो चुका है। ग्रीन चौपाल के नोडल अधिकारी जिला पंचायती राज अधिकारी होते हैं, जबकि वन विभाग भी इसमें सक्रिय रूप से शामिल रहता है।

चौपाल के माध्यम से जल संचयन, जैविक खेती, सौर ऊर्जा के उपयोग और पर्यावरण के अनुकूल जीवन शैली के प्रति ग्रामीणों को जागरूक किया जाता है।

वन विभाग की सक्रिय भागीदारी

प्रभागीय वन अधिकारी अरविंद कुमार ने बताया कि बांदा जिले में अब तक लगभग 90 ग्राम पंचायतों में ग्रीन चौपाल का आयोजन कराया जा चुका है और प्रत्येक महीने के तीसरे शुक्रवार को इनका आयोजन नियमित रूप से किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि चौपाल के माध्यम से वन विभाग की योजनाओं की जानकारी ग्रामीणों को दी जाती है। इस दौरान डीपीओ की टीम भी उपस्थित रहती है और जिला पंचायती राज अधिकारी इसके नोडल होते हैं।

चौपाल में गांवों को ईको-फ्रेंडली बनाने को लेकर विस्तृत चर्चा की जाती है। साथ ही जुलाई माह में प्रस्तावित वृक्षारोपण कार्यक्रम के लिए भी ग्रामीणों को जागरूक किया जा रहा है, ताकि आने वाले समय में अधिक से अधिक वृक्षारोपण कर गांवों को हरा-भरा बनाया जा सके।

PUBLICFIRSTNEWS.COM

Share.
Leave A Reply