छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने जन्मदिन के अवसर पर सादगी और भावनात्मक अंदाज़ में गृहग्राम बगिया पहुंचकर पूज्य माताजी के चरणों में शीश नवाकर आशीर्वाद लिया।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि “माँ केवल एक शब्द नहीं, बल्कि संवेदना, भावना और जीवन का सबसे पवित्र अहसास है। माँ जीवन रूपी उपवन की वह खुशबू है, जो हर फूल में बसती है।” उन्होंने माँ को श्रद्धा, विश्वास और संस्कारों का प्रतीक बताते हुए कहा कि उनके स्नेह और शुभाशीष से उन्हें लोकमंगल और जनसेवा के संकल्प को आगे बढ़ाने की शक्ति मिलती है।

सेवा, समर्पण और संवेदनशीलता का संदेश

मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि माँ के दिखाए सेवा, समर्पण और संवेदनशीलता के मार्ग पर चलते हुए वे छत्तीसगढ़ के प्रत्येक नागरिक के सुख, सम्मान और समृद्धि के लिए निरंतर प्रयासरत रहेंगे।

उन्होंने यह भी कहा कि जनसेवा उनके लिए केवल दायित्व नहीं, बल्कि एक संकल्प है, जिसे वे पूरी निष्ठा और प्रतिबद्धता के साथ निभा रहे हैं।

सादगीपूर्ण जन्मदिन, भावनात्मक संदेश

राजनीतिक औपचारिकताओं से अलग यह अवसर पूरी तरह पारिवारिक और भावनात्मक रहा। मुख्यमंत्री का यह संदेश सोशल मीडिया पर भी व्यापक रूप से साझा किया गया, जहां लोगों ने उनके इस भावनात्मक वक्तव्य की सराहना की।

मुख्यमंत्री का यह कदम न केवल पारिवारिक मूल्यों और संस्कारों के प्रति सम्मान को दर्शाता है, बल्कि जनसेवा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को भी रेखांकित करता है।

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