भोपाल में आयोजित ‘आजीविका विपणन क्षमतावर्धन कार्यशाला’ में यह जानकारी सामने आई कि मध्यप्रदेश में 5 लाख से अधिक स्व-सहायता समूहों से जुड़कर लगभग 65 लाख महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त हुई हैं। इनमें 12 लाख से अधिक ‘लखपति दीदियां’ शामिल हैं, जिन्होंने स्वरोजगार और सामुदायिक उद्यमों के माध्यम से उल्लेखनीय आय अर्जित की है।
कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए बहनों से आत्मीय संवाद किया गया और स्व-सहायता समूहों की प्रतिभाशाली दीदियों को सम्मानित कर शुभकामनाएं दी गईं।
इस अवसर पर प्राकृतिक खेती प्रशिक्षण मॉड्यूल का विमोचन किया गया। साथ ही समुदाय प्रबंधित प्रशिक्षण केन्द्र (CMTC) पोर्टल का लोकार्पण भी किया गया, जिससे ग्रामीण महिलाओं को प्रशिक्षण, विपणन और कौशल विकास में तकनीकी सहयोग मिलेगा।
कार्यक्रम के दौरान नवीन आजीविका एक्सप्रेस वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। इन वाहनों के माध्यम से स्व-सहायता समूहों द्वारा निर्मित उत्पादों को बाजार तक पहुंचाने में सहायता मिलेगी और महिलाओं की आय में वृद्धि होगी।
यह पहल प्रदेश में महिला सशक्तिकरण, स्वरोजगार संवर्धन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
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