महान स्वतंत्रता सेनानी और प्रखर राष्ट्रवादी विचारक विनायक दामोदर सावरकर (वीर सावरकर) की पुण्यतिथि पर राष्ट्र उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता है।

भारत की अखंडता और सांस्कृतिक एकता के प्रबल पक्षधर सावरकर जी ने “एक राष्ट्र–एक संस्कृति” के विचार को जीवनभर आत्मसात किया। उनका संपूर्ण जीवन राष्ट्रभक्ति, आत्मबल और वैचारिक दृढ़ता का प्रतीक रहा।

काला पानी की अमानवीय सजा के दौरान सेलुलर जेल की कठोर यातनाओं के बीच भी उनका संकल्प अडिग रहा। कारागार की दीवारों पर काव्य रचकर उन्होंने यह सिद्ध किया कि विचारों को कभी कैद नहीं किया जा सकता। सावरकर जी का जीवन त्याग, तपस्या और राष्ट्रसमर्पण की अमर गाथा है। उनके आदर्श राष्ट्रसेवा, सामाजिक समरसता और सुशासन के पथ पर निरंतर अग्रसर रहने की प्रेरणा देते रहेंगे।

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