हमीरपुर और चित्रकूट क्षेत्र के लिए गर्व का एक बड़ा क्षण सामने आया है। महामंडलेश्वर 1008 राजेंद्र दास जी महाराज को प्रतिष्ठित “चतुरंगिणी सेना” के प्रमुख सदस्यों में शामिल किया गया है।
चतुरंगिणी सेना का गठन
“चतुरंगिणी सेना” का गठन अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के मार्गदर्शन में किया गया है। इसका उद्देश्य सनातन धर्म की रक्षा, गौ संरक्षण, समाज सेवा और धार्मिक चेतना का प्रसार करना है।
27 प्रमुख सदस्यों में चयन
हमीरपुर के मूल निवासी और वर्तमान में चित्रकूट में निवास कर रहे राजेंद्र दास जी महाराज को देशभर से चुने गए 27 प्रमुख सदस्यों में स्थान मिला है। यह उनके वर्षों के तप, त्याग और धर्म सेवा का सम्मान है।
आदि शक्ति गौ रक्षा अखाड़ा से जुड़े राजेंद्र दास जी महाराज लंबे समय से गौ सेवा, धर्म प्रचार और समाज उत्थान के कार्यों में सक्रिय हैं। उनकी यह नियुक्ति उनके समर्पण का प्रतीक मानी जा रही है।
इस उपलब्धि से संत समाज और श्रद्धालुओं में खुशी का माहौल है। इसे पूरे हमीरपुर और चित्रकूट क्षेत्र के लिए सम्मान और गर्व का विषय बताया जा रहा है
जानकारी के अनुसार, आने वाले समय में चतुरंगिणी सेना का विस्तार पूरे देश में किया जाएगा, जिससे यह एक मजबूत धार्मिक और सामाजिक संगठन के रूप में स्थापित हो सके। यह उपलब्धि न केवल राजेंद्र दास जी महाराज की है, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण क्षण है।
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