बस्तर संभाग के जिला मुख्यालय जगदलपुर स्थित धरमपुरा क्रीड़ा परिसर में आयोजित प्रथम ‘खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स’ की एथलेटिक्स स्पर्धाओं का गुरुवार को भव्य समापन हुआ। 30 मार्च से शुरू हुए इस चार दिवसीय खेल महाकुंभ ने देशभर की जनजातीय प्रतिभाओं को एक साझा मंच प्रदान किया, जहाँ एथलीटों ने अपने अदम्य साहस और उत्कृष्ट खेल कौशल का प्रदर्शन किया।
पदक तालिका में ओडिशा ने किया शीर्ष स्थान हासिल
प्रतियोगिता के अंतिम दिन जैसे ही अंतिम दौर के मुकाबले समाप्त हुए, पदक तालिका की तस्वीर स्पष्ट हो गई। इस रोमांचक खेल आयोजन में ओडिशा और झारखंड जैसे राज्यों ने अपनी खेल परंपरा और श्रेष्ठता को बरकरार रखते हुए शीर्ष स्थानों पर कब्जा जमाया।
- ओडिशा की टीम ने कुल 8 स्वर्ण, 7 रजत और 9 कांस्य पदकों के साथ अंक तालिका में पहला स्थान हासिल किया।
- झारखंड ने भी 8 स्वर्ण पदक अपने नाम किए, लेकिन अन्य पदकों के समीकरण के आधार पर वह दूसरे स्थान पर रहा।
- कर्नाटक की टीम 5 स्वर्ण पदकों के साथ तीसरे स्थान पर रही।
- गुजरात और महाराष्ट्र क्रमशः चौथे और पांचवें स्थान पर रहे।
- मेजबान छत्तीसगढ़ के एथलीटों ने घरेलू मैदान और दर्शकों के भारी उत्साह के बीच 1 स्वर्ण, 4 रजत और 1 कांस्य पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।
कैबिनेट मंत्री केदार कश्यप ने दी जानकारी
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के पहले आयोजन की मेजबानी छत्तीसगढ़ को मिली है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया का आभार व्यक्त किया और कहा कि यह आयोजन छत्तीसगढ़ की आदिवासी प्रतिभाओं को मंच देने के लिए रूपरेखा तैयार करने में मददगार साबित हुआ।
मंत्री ने बताया कि इस आयोजन में पूरे देश के 30 राज्यों के खिलाड़ी शामिल हुए। उन्होंने कहा कि रायपुर में इसका आयोजन 25 मार्च से शुरू हुआ था, जिसका समापन 3 अप्रैल को निर्धारित किया गया। वहीं, सरगुजा में अलग विधाओं का आयोजन भी किया जा रहा है।
आदिवासी खेल प्रतिभाओं के लिए नए अवसर
केदार कश्यप ने बताया कि बस्तर में आयोजित एथलेटिक्स प्रतियोगिता आदिवासी खिलाड़ियों के लिए अत्यंत हर्ष का विषय है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने आदिवासी खेल प्रतिभाओं को तराशने और उन्हें राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपने आप को साबित करने के लिए महत्वपूर्ण अवसर प्रदान किए हैं।
मंत्री ने आशा जताई कि इस आयोजन से आने वाले समय में आदिवासी खेल प्रतिभाएं अपने राज्य और देश का नाम रोशन करेंगी।
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