जिले के कुवांरपुर परिक्षेत्र में वन विभाग की बड़ी कार्रवाई ने हड़कंप मचा दिया है। अतिक्रमण हटाने के नाम पर वर्षों से बसे ग्रामीणों के घरों पर बुलडोजर चला दिया गया, जिससे कई परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हो गए हैं।

बताया जा रहा है कि वन विभाग की टीम भारी पुलिस बल के साथ सुबह ही मौके पर पहुंची और अधिकारियों की मौजूदगी में कच्चे मकानों को ध्वस्त करना शुरू कर दिया। इस दौरान ग्रामीणों ने विरोध भी जताया, लेकिन पुलिस बल के चलते उनकी एक नहीं चली। कई लोगों ने मिन्नतें कीं, लेकिन कार्रवाई नहीं रुकी और देखते ही देखते वर्षों की मेहनत से बने आशियाने मलबे में तब्दील हो गए।

ग्रामीणों का कहना है कि वे पिछले 15 से 20 वर्षों से इस जमीन पर रह रहे थे और उन्हें पहले कोई स्पष्ट चेतावनी या वैकल्पिक व्यवस्था नहीं दी गई। अचानक हुई इस कार्रवाई से उनके सामने रहने और खाने का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। भीषण गर्मी के बीच महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग सबसे ज्यादा परेशान हैं।

वहीं, वन विभाग का कहना है कि यह कार्रवाई वन भूमि पर हो रहे अवैध अतिक्रमण को हटाने के लिए की गई है। विभाग के अनुसार, संबंधित लोगों को पहले नोटिस दिए जा चुके थे और नियमानुसार ही यह कदम उठाया गया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि वन क्षेत्र को अतिक्रमण मुक्त कराना उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी है।

इस पूरे मामले ने अब राजनीतिक रंग भी ले लिया है। क्षेत्र के पूर्व विधायक गुलाब कमरो ने कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए इसे अमानवीय बताया है। उनका कहना है कि बिना पुनर्वास की व्यवस्था किए गरीबों को बेघर करना सरासर अन्याय है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द राहत और पुनर्वास की व्यवस्था नहीं की गई, तो कांग्रेस पार्टी सड़कों पर उतरकर उग्र आंदोलन और धरना-प्रदर्शन करेगी।

फिलहाल इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है और प्रभावित परिवार प्रशासन से तत्काल मदद की गुहार लगा रहे हैं। प्रशासन की ओर से राहत या पुनर्वास को लेकर अब तक कोई स्पष्ट घोषणा नहीं की गई है

PUBLICFIRSTNEWS.COM

Share.
Leave A Reply