उज्जैन पुलिस ने शेयर ट्रेडिंग के नाम पर ठगी करने वाले एक बड़े साइबर गिरोह का पर्दाफाश किया है। थाना जीवाजीगंज पुलिस ने इंदौर में संचालित फर्जी कॉल सेंटर पर दबिश देकर मुख्य संचालक सहित 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
फर्जी “ALICE BLUE” ऑफिस पर रेड
पुलिस जांच में सामने आया कि इंदौर के विजयनगर क्षेत्र में ऑर्बिट मॉल के पीछे स्थित एक मल्टी के तीसरे तल पर “ALICE BLUE” ब्रोकरेज फर्म के नाम से फर्जी ऑफिस चलाया जा रहा था।
यह कार्रवाई अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर पूर्व) आलोक शर्मा और नगर पुलिस अधीक्षक पुष्पा प्रजापति के मार्गदर्शन में गठित विशेष टीम ने की।
शिकायत से खुला पूरा नेटवर्क
मामले की शुरुआत 25 मार्च 2026 को हुई, जब उज्जैन निवासी सूरज राठौर ने साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई कि उसे शेयर मार्केट में मुनाफे का लालच देकर 70 हजार रुपये की ठगी की गई है।
जांच के दौरान पुलिस ने मोबाइल नंबर, बैंक खाते और यूपीआई ट्रांजेक्शन का विश्लेषण करते हुए इंदौर निवासी सौरभ यादव तक पहुंच बनाई, जिसके बाद पूरे गिरोह का खुलासा हुआ।
गिरफ्तार आरोपी
पुलिस ने दबिश के दौरान निम्न आरोपियों को गिरफ्तार किया—
- अरुण लोधी (27) – मुख्य संचालक
- नीरज आदिवासी (33) – सहयोगी
- राहुल पाटीदार (31) – सहयोगी
- सौरभ यादव (25) – नेटवर्क समन्वयक
आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि वे “Mahindra Trading” नामक फर्जी ऐप के जरिए लोगों को ठगते थे।
- पहले असली ट्रेडिंग ऐप से भरोसा दिलाया जाता था
- फिर कमीशन बचाने के नाम पर फर्जी प्लेटफॉर्म पर शिफ्ट किया जाता था
- भारी मुनाफे का लालच देकर 20 हजार से 1 लाख रुपये तक निवेश करवाया जाता था
- पैसा निकालने पर बहाने बनाकर और रकम जमा कराने का दबाव डाला जाता था
भारी मात्रा में सामान जब्त
पुलिस ने मौके से
- 6 बेनामी सिम कार्ड
- 3 डेबिट कार्ड
- 15 CPU, 19 मॉनिटर
- मोबाइल, राउटर और अन्य उपकरण
- निवेशकों का डेटा
जब्त किया है।
गिरोह को फर्जी सिम और बैंक खातों की सुविधा देने वाला मिंटू उर्फ मयूर परिहार फिलहाल फरार है, जिसकी तलाश जारी है।
पुलिस अब फर्जी ऐप के डेवलपर और अन्य सहयोगियों की तलाश में जुटी है। अधिकारियों के मुताबिक जांच में आगे और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।
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