छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले के छुरिया विकासखंड के ग्राम गेंदाटोला में एक शराब दुकान को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। प्रशासन द्वारा प्रस्तावित दुकान स्थानांतरण के खिलाफ अब पूरा गांव खुलकर सामने आ गया है। ग्राम पंचायत और ग्राम विकास समिति ने साफ चेतावनी दी है कि अगर दुकान को वर्तमान स्थान से हटाया गया, तो गांव में उग्र आंदोलन किया जाएगा।
दरअसल, गांव में पिछले साल से देशी और विदेशी शराब की दुकान संचालित हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि यह दुकान गांव की आबादी से बाहर स्थित है, जिससे गांव के सामाजिक माहौल पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ता। साथ ही इस दुकान से मिलने वाला किराया गांव के विकास कार्यों में उपयोग किया जाता है।
ग्रामीणों के अनुसार, इस आय से गरीब परिवारों की मदद, बच्चों की शिक्षा, इलाज और सामाजिक आयोजनों में सहयोग किया जाता रहा है। यही कारण है कि गांव के लोग इस दुकान को हटाने के फैसले का विरोध कर रहे हैं।
वहीं, प्रशासन ने हाल ही में इस शराब दुकान के स्थानांतरण के लिए नई निविदा प्रक्रिया शुरू की है। इस कदम को ग्राम पंचायत और विकास समिति ने अवैध और जनविरोधी करार दिया है। ग्रामीणों का आरोप है कि बिना उनकी सहमति के यह निर्णय लिया जा रहा है, जो उनके अधिकारों का उल्लंघन है।
ग्रामवासियों की एक बड़ी चिंता यह भी है कि प्रस्तावित नई जगह आबादी क्षेत्र के नजदीक हो सकती है। उनका कहना है कि यदि दुकान को आवासीय इलाके के पास खोला गया, तो इससे महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा पर नकारात्मक असर पड़ सकता है और सामाजिक माहौल भी बिगड़ सकता है।
गांव के लोगों ने साफ शब्दों में कहा है कि वे किसी भी कीमत पर दुकान को मौजूदा स्थान से हटाने नहीं देंगे। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने उनकी मांगों को नजरअंदाज किया, तो वे सड़क पर उतरकर आंदोलन करेंगे।
अब यह देखना अहम होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या रुख अपनाता है। क्या ग्रामवासियों की भावनाओं और मांगों को ध्यान में रखते हुए निर्णय लिया जाएगा, या फिर यह विवाद आगे और बढ़ेगा।
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