छत्तीसगढ़ के मनेंद्रगढ़ वन मंडल के जनकपुर वन परिक्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत महदौली के बरछा गांव (मैरटोला) में तेंदुए के हमले से दो ग्रामीण गंभीर रूप से घायल हो गए। इस घटना के बाद पूरे गांव में दहशत का माहौल है, वहीं वन विभाग की निष्क्रियता को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है।

खेत में छिपे तेंदुए ने किया हमला

जानकारी के अनुसार, बुधवार शाम करीब 5 बजे रामसरण बैगा (42 वर्ष) अपने खेत में अरहर की फसल काट रहे थे। तभी खेत में छिपे तेंदुए ने अचानक उन पर हमला कर दिया और उनके पैर को गंभीर रूप से घायल कर दिया।

रामसरण के शोर मचाने पर तेंदुआ वहां से भागा और पास ही गेहूं की कटाई कर रहे विजय सिंह (45 वर्ष) पर हमला कर दिया। इस हमले में विजय सिंह के चेहरे और कंधे पर गंभीर चोटें आईं।

घायलों का अस्पताल में इलाज जारी

दोनों घायल किसी तरह अपनी जान बचाकर घर पहुंचे और परिजनों को सूचना दी। इसके बाद उन्हें तुरंत जनकपुर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है।
डॉक्टरों के अनुसार, दोनों को तेंदुए के नाखून से गहरे घाव आए हैं—एक के पैर में और दूसरे के चेहरे पर गंभीर चोट है।

वन विभाग पर लापरवाही के आरोप

घटना के बाद ग्रामीणों ने वन विभाग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि न तो कोई अधिकारी मौके पर पहुंचा और न ही घायलों को कोई तत्काल सहायता दी गई।
मजबूरी में घायलों को अपने खर्च पर इलाज कराना पड़ रहा है।

ग्रामीणों का कहना है कि तेंदुआ पिछले कुछ समय से गांव और खेतों के आसपास लगातार देखा जा रहा है, जिससे लोग खेतों में जाने से डर रहे हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि तेंदुआ अचानक हमला करता है, जिससे पहचान पाना मुश्किल हो जाता है।

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द तेंदुए को पकड़ने के लिए ठोस कार्रवाई की जाए, ताकि गांव में फैले भय का माहौल खत्म हो सके।

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