उज्जैन में हाल ही में आयोजित एक सम्मान समारोह में युग पुरुष परमानंद महाराज ने संतों की तुलना स्वान से की, जिससे अखाड़ा परिषद् के अध्यक्ष रविंद्र पूरी महाराज ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ संत होने के नाते परमानंद महाराज को इस तरह का अपमानजनक बयान नहीं देना चाहिए था।
रविंद्र पूरी महाराज ने बयान दिया कि इस तरह की टिप्पणियां सिर्फ अपने कुछ अनुयायियों को खुश करने के लिए की गई हैं, जो संत समाज के लिए अस्वीकार्य है। उन्होंने यह भी बताया कि नाशिक कुंभ की तैयारियों के लिए जब वे 1 जून को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से चर्चा करने पहुंचे थे, उसी दिन परमानंद महाराज ने साध्वी ऋतुम्भरा देवी के सम्मान समारोह में यह कथित कथा सुनाई थी।
इस बयान पर उपस्थित लोगों ने ठहाके लगाए, जिससे रविंद्र पूरी महाराज को बेहद आपत्ति हुई। उन्होंने कहा कि यद्यपि वे परमानंद महाराज की उम्र और वरिष्ठता का सम्मान करते हैं, लेकिन उनके बयान पर कोई औपचारिक कार्रवाई नहीं की जाएगी। हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट किया कि उनके शिष्य को इस मामले में तलब किया जाएगा और ऐसी टिप्पणियों से बचने की सलाह दी जाएगी।
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