उज्जैन, 5 जुलाई 2025 – बाबा महाकाल के दर्शन को कांवड़ यात्रा लेकर आ रहे श्रद्धालुओं के लिए इस बार एक नई और विशेष व्यवस्था लागू की गई है। उज्जैन महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति ने श्रद्धालुओं की सुविधा और भीड़ प्रबंधन को ध्यान में रखते हुए दो अलग-अलग मार्ग निर्धारित किए हैं।
मंदिर समिति के प्रशासक प्रथम कौशिक ने जानकारी देते हुए बताया कि जिन श्रद्धालुओं ने मंदिर में प्रवेश के लिए पूर्व अनुमति प्राप्त की है, उन्हें सीधे गेट नंबर 4 से मंदिर परिसर में प्रवेश मिलेगा। इस गेट से होकर श्रद्धालु सभा मंडप तक पहुँच सकेंगे, जहाँ वे बाबा महाकाल को जल अर्पित करने का सौभाग्य प्राप्त करेंगे। यह व्यवस्था कांवड़ यात्रा कर रहे श्रद्धालुओं को विशेष रूप से ध्यान में रखते हुए की गई है।
वहीं, जिन श्रद्धालुओं ने पूर्व अनुमति नहीं ली है, उन्हें त्रिवेणी संग्रहालय के पास से प्रवेश करना होगा। यह प्रवेश मार्ग लगभग 1 किलोमीटर लंबा होगा और श्रद्धालुओं को नंदी द्वार और मानसरोवर मार्ग से होकर महाकालेश्वर मंदिर तक पहुँचना होगा। यह मार्ग सभी सामान्य श्रद्धालुओं के लिए निर्धारित किया गया है।
प्रशासक प्रथम कौशिक ने बताया कि यह निर्णय श्रद्धालुओं की सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण और दर्शन प्रक्रिया को अधिक सुव्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से लिया गया है।
हालांकि, श्रद्धालुओं के बीच यह चर्चा भी हो रही है कि पूर्व की तरह कांवड़ यात्रियों के लिए अलग से विशेष प्रवेश द्वार बनाए जाते थे, जिससे उन्हें लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ती थी। अब देखना यह होगा कि इस बार की व्यवस्था उन्हें कितनी सुविधा देती है और वे कितने संतुष्ट होते हैं।
मंदिर समिति ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे प्रवेश से पूर्व अनुमति अवश्य प्राप्त करें, जिससे उन्हें आसानी और कम समय में दर्शन का लाभ मिल सके।
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