मुख्यमंत्री मोहन यादव ने साइबर पंजीयन कार्यालय के शुभारंभ अवसर पर कहा कि “संकल्प जब सिद्ध होता है, तब ऐसे ऐतिहासिक कार्यक्रमों का आयोजन होता है।” उन्होंने इस पहल को मध्यप्रदेश में सुशासन और डिजिटल क्रांति की दिशा में बड़ा कदम बताया।

डिजिटल क्रांति में अग्रणी मध्यप्रदेश

मुख्यमंत्री ने कहा कि देश तेजी से बदल रहा है और उसी गति से मध्यप्रदेश भी आगे बढ़ रहा है। डिजिटल क्रांति के इस दौर में मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य बना है जिसने साइबर पंजीयन व्यवस्था की शुरुआत की है।

उन्होंने बताया कि नई व्यवस्था पूरी तरह पेपरलेस और फेसलेस होगी, जिससे त्रुटियों और आरोपों की संभावना स्वतः कम हो जाएगी। कागज खोने, फटने या खराब होने की चिंता भी अब समाप्त होगी, क्योंकि डिजिटल प्रणाली अधिक सुरक्षित और स्थायी है।

संपदा-2 को मिला राष्ट्रीय सम्मान

मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि ‘संपदा-2’ के इस नवाचार को वर्ष 2025 का राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस स्वर्ण पुरस्कार प्राप्त हुआ है, जो प्रदेश के लिए गर्व का विषय है।

55 जिलों में लागू होगी साइबर तहसील

प्रदेश के 55 जिलों में साइबर तहसील लागू किए जाने से सुशासन को मजबूती मिलेगी और राजस्व प्रकरणों के निराकरण में तेजी आएगी। मुख्यमंत्री ने 31 मार्च तक स्वस्थ प्रतिस्पर्धा के माध्यम से जिलों के प्रदर्शन का आकलन कर सर्वश्रेष्ठ जिलों को पुरस्कृत करने की भी घोषणा की।

उन्होंने कहा कि अधिकतम लोगों को लाभ दिलाकर इस नवाचार को जन-जन तक पहुँचाना सरकार का संकल्प है।

इस पहल के साथ मध्यप्रदेश डिजिटल गवर्नेंस के क्षेत्र में नई पहचान स्थापित कर रहा है।

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