मध्यप्रदेश में मोहन सरकार के ढाई साल पूरे होने से पहले बीजेपी संगठन और सरकार दोनों चुनावी मोड में नजर आ रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को सीएम हाउस में 20 मंत्रियों के साथ वन-टू-वन बैठक कर सरकार, संगठन और चुनावी तैयारियों का बड़ा रिव्यू लिया।
बैठक में हारी हुई विधानसभा सीटों, निकाय और पंचायत चुनाव की तैयारी, बूथ मैनेजमेंट और विभागीय कामकाज पर विस्तार से चर्चा हुई। खास बात यह रही कि मंत्रियों से सिर्फ उनके विभागों का ही नहीं, बल्कि प्रभार वाले जिलों की राजनीतिक स्थिति का भी फीडबैक लिया गया।
बैठक में बीजेपी के राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश, प्रदेश प्रभारी डॉ. महेंद्र सिंह और प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल भी मौजूद रहे। इससे साफ संकेत मिला कि सरकार और संगठन दोनों मिलकर आने वाले चुनावों की रणनीति पर काम कर रहे हैं।
हारी हुई सीटों पर खास फोकस
सूत्रों के मुताबिक मंत्रियों से पूछा गया कि उनके प्रभार वाले जिलों और विधानसभा क्षेत्रों में बीजेपी की स्थिति कैसी है। खासतौर पर उन सीटों पर चर्चा हुई जहां पार्टी पिछला चुनाव हार गई थी।
कमजोर बूथों, विपक्ष की सक्रियता, विकास कार्यों की स्थिति और अगले विधानसभा चुनाव की रणनीति को लेकर मंत्रियों से विस्तार से जानकारी ली गई। बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया।
निकाय और पंचायत चुनाव की तैयारी
आगामी नगर पालिका और ग्राम पंचायत चुनावों को लेकर भी बैठक में मंथन हुआ। मंत्रियों से पूछा गया कि उनके जिलों में कौन-कौन सी सीटें मजबूत हैं और किन सीटों पर ज्यादा मेहनत की जरूरत है।
प्रत्याशी चयन, बूथ मैनेजमेंट और चुनावी रणनीति को लेकर भी संगठन के वरिष्ठ नेताओं ने मंत्रियों से चर्चा की।
संगठन और मंत्रियों के समन्वय पर जोर
बैठक में मंत्रियों से यह भी पूछा गया कि उन्होंने अपने प्रभार वाले जिलों में कितने दौरे किए, कितनी बैठकों में हिस्सा लिया और स्थानीय संगठन के साथ उनका तालमेल कैसा रहा।
बीजेपी संगठन अब सरकार और संगठन के बीच बेहतर समन्वय बनाकर काम करने की रणनीति पर आगे बढ़ता दिखाई दे रहा है।
फिलहाल मंत्रिमंडल विस्तार पर चर्चा नहीं
प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने साफ किया कि फिलहाल मंत्रिमंडल विस्तार पर कोई चर्चा नहीं हुई है। अभी पूरा फोकस मंत्रियों के कामकाज और संगठनात्मक गतिविधियों की समीक्षा पर है।
सूत्रों के मुताबिक बाकी मंत्रियों के साथ भी सोमवार को वन-टू-वन चर्चा की जाएगी।
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