मध्यप्रदेश इस वर्ष श्रीकृष्ण पर्व के अवसर पर आस्था, भक्ति और सांस्कृतिक गौरव के रंग में रंगने वाला है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व और प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से प्रदेश को धार्मिक पर्यटन का केंद्र बनाने के लिए विशेष पहल की जा रही है।
भव्य शुरुआत बलराम जयंती से
14 अगस्त को बलराम जयंती के रूप में हलधर महोत्सव पूरे प्रदेश में धूमधाम से मनाया जाएगा। इस दिन प्रमुख मंदिरों और धार्मिक स्थलों पर विशेष पूजा-अर्चना, कथा वाचन, भजन-कीर्तन और सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। ग्रामीण और कृषि संस्कृति के महत्व को दर्शाने वाले आयोजन भी इसका हिस्सा होंगे।
जन्माष्टमी का भव्य उत्सव
16 अगस्त को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी यानी लीला पुरुषोत्तम का प्रकटोत्सव बड़े उत्साह और भक्तिभाव के साथ मनाया जाएगा। इस अवसर पर जीवन्त रासलीला, झांकियां, भजन संध्या, कथाएं और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां आयोजित की जाएंगी।
प्रदेश के प्रमुख धार्मिक स्थलों पर विशेष कार्यक्रम
उज्जैन के सांदीपनी आश्रम, नारायणा धाम, अमझेरा, जामगढ़, जानापाव जैसे ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों पर विशेष आयोजन होंगे। इन स्थलों पर लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।
मुख्यमंत्री निवास में भी उत्सव का माहौल
मुख्यमंत्री निवास में भी बालगोपाल स्वरूप बाल कृष्ण की विशेष झांकियां और प्रस्तुतियां होंगी। सीएम डॉ. मोहन यादव ने व्यक्तिगत रूप से सभी तैयारियों की समीक्षा की है और विभागीय अधिकारियों को समय पर कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं।
संस्कृति से युवा पीढ़ी को जोड़ने का प्रयास
श्रीकृष्ण पर्व न केवल धार्मिक उत्सव है, बल्कि यह युवाओं को हमारी समृद्ध सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत से जोड़ने का माध्यम भी बनेगा। प्रदेश सरकार, धर्म, पर्यटन और संस्कृति विभाग के सहयोग से इस आयोजन को एक नया आयाम देने का प्रयास कर रही है, जिससे मध्यप्रदेश धार्मिक पर्यटन का एक प्रमुख केंद्र बने।
