पब्लिक फर्स्ट। भोपाल । पुनीत पटेल ।

ज्योतिष मठ संस्थान भोपाल: परिचय व सेवाएँ

ज्योतिष मठ संस्थान, भोपाल कई वर्षों से ज्योतिष, हस्तरेखा, वास्तु, पंचांग निर्माण, जन्म पत्रिका, ग्रह शांति पूजन, कुंडली मिलान जैसी सेवाओं में सक्रिय है। संस्थान में विभिन्न अनुष्ठान, पूजा-विधान, ज्योतिष विषय पर शोध तथा प्राचीन पंचांग/कैलेण्डर का संग्रह भी किया जाता है। पूर्व प्रधानमंत्री, राजनीतिज्ञों, साहित्यकारों के भी हस्त छाप यहां सुरक्षित हैं। घर व कार्यालय की सुख-शांति एवं धन-समृद्धि हेतु नियमित सलाह व वास्तु निवारण भी प्रदान किया जाता है।

वर्षा का पांचवा नक्षत्र: मघा नक्षत्र में प्रवेश

  • सोमवार 17 अगस्त से वर्षा का पांचवा दौर (मघा नक्षत्र) शुरू हुआ। पंचांगकर्ता पं. विनोद गौतम के अनुसार, सोमवार शाम 4:10 बजे सूर्य सिंह राशि में प्रवेश करता है, उसी के साथ वर्षा मघा नक्षत्र में सवार होती है।
  • मघा नक्षत्र वर्षा के आठ नक्षत्रों में पांचवा है। इस नक्षत्र में “योग कारक स्थितियों” के चलते श्रेष्ठ वर्षा के योग निर्मित होते हैं, वाहन ‘जांबुक’ है। इस दौरान संज्ञा – स्त्री-पुरुष नक्षत्र योग, सूर्य-चंद्र योग आदि वर्षा को श्रेष्ठ बनाते हैं। कहीं-कहीं अतिवृष्टि के कारण जनधन की हानि भी हो सकती है।
  • मघा नक्षत्र में वर्षा 31 अगस्त तक सवार रहेगी। इसके बाद तीन नक्षत्र – पूर्वा फाल्गुनी, उत्तरा फाल्गुनी एवं हस्त – में वर्षा होगी।

आठ वर्षा नक्षत्रों का विवरण

क्रमनक्षत्रअवधिवाहनवर्षा योग
1आद्र्रा22 जून सेविविधवर्षाकाल की शुरुआत
2पुनर्वसुजुलाई प्रथम
3पुष्यजुलाई
4अश्लेषाअगस्त प्रारंभचातकयत्र, तत्र सर्वत्र वर्षा
5मघा17 अगस्त – 31 अगस्तजांबुकश्रेष्ठ व अधिक वर्षा
6पूर्वा फाल्गुनी1 सितंबर से
7उत्तरा फाल्गुनीमध्य सितंबर
8हस्तअंतिम सितंबर–अक्टूबरअंतिम मानसूनी वर्षा

हर नक्षत्र में वर्षा का प्रभाव अलग-अलग है। मघा को प्रमुख वर्षा नक्षत्र माना जाता है: मघा अच्छी हो तो खेत, पट और माता सब भर जाते हैं; खराब हो तो प्यासे रह जाते हैं।

पंचांग व स्थानीय संदर्भ

  • भारतीय पंचांग के अनुसार, सूर्य के आद्र्रा नक्षत्र में प्रवेश (22 जून) से वर्षाकाल शुरू होता है, जो हस्त नक्षत्र (सितंबर-अक्टूबर) तक चलता है। हर नक्षत्र करीब दो हफ्ते रहता है।
  • इस वर्ष, अश्लेषा नक्षत्र के बाद मघा नक्षत्र शुरू हो गया है।
  • मौसम विभाग की भविष्यवाणी व ज्योतिष गणना दोनों अगस्त–अक्टूबर को बारिश के महीनों के तौर पर मान्यता देती हैं।

विशेष सुझाव व संपर्क

पंडित विनोद गौतम (ज्योतिष मठ संस्थान): 9827 322068

वर्षा, नक्षत्र व योगों की विस्तृत जानकारी के लिए ज्योतिष मठ से संपर्क करे।

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