पब्लिक फर्स्ट । उज्जैन । अमृत बैंडवाल ।

धार्मिक आस्था और देशभक्ति का संगम इस बार गणेश उत्सव में देखने को मिल रहा है। उज्जैन के गुदरी चौराहे पर गुदरी गणराज पंडाल में श्रद्धालुओं को भगवान गणेश के दर्शन से पूर्व आतंकवादियों के चित्रित पोस्टरों पर चलना पड़ता है। यह संदेशात्मक पहल पहलगाम हमले में शहीद हुए जवानों को श्रद्धांजलि देने और श्रद्धालुओं में आतंकवाद के प्रति आक्रोश तथा देशभक्ति की भावना जगाने के उद्देश्य से की गई है।

श्रद्धालुओं को मिला अनूठा अनुभव

इस पंडाल में आतंकवादी सैयद सलाउद्दीन और हाफिज सईद जैसे दुश्मनों के चित्रित पोस्टर जमीन पर बिछाए गए हैं। श्रद्धालुओं को भगवान गणेश तक पहुंचने से पहले इन पोस्टरों पर जूते-चप्पल सहित चलना पड़ता है।

एक रिटेन पोस्टर पर लिखा है:

“तुमने धर्म पूछकर मारा था, हम पैरों से रौंदने से पहले कौम नहीं पूछेंगे।”

यह संदेश लोगों में आतंकवाद के खिलाफ कड़ा संदेश और राष्ट्रप्रेम का भाव जगाने वाला है।

43 वर्षों से जारी परंपरा

यह आयोजन पिछले 43 वर्षों से “शिप्रा नवयुवक मंडल” और “सर्व हिंदू समाज” द्वारा किया जा रहा है। हर वर्ष पंडाल में कुछ न कुछ नया और सामाजिक संदेश देने वाला आयोजन किया जाता है।

25 फीट ऊंची भव्य गणेश प्रतिमा

इस बार पंडाल में देवास से लाई गई 25 फीट ऊंची मिट्टी की गणेश प्रतिमा स्थापित की गई है। प्रतिमा में भगवान गणेश के पुनर्जन्म के बाद सभी देवी-देवताओं का राज्याभिषेक दृश्य दर्शाया गया है।

प्रतिमा को 3 किलोग्राम चांदी के आभूषणों और चांदी के चरणों से सजाया गया है, ताकि श्रद्धालु चरण स्पर्श कर आशीर्वाद ले सकें।

आयोजकों का संदेश

आयोजनकर्ता रितेश माहेश्वरी के अनुसार, यह पहल देश के शहीद जवानों को स्मरण करने और आतंकवादियों को प्रतीकात्मक रूप से पैरों तले रौंदने का संदेश देने के लिए की गई है। उन्होंने कहा कि गणेशोत्सव केवल धार्मिक अनुष्ठान ही नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्रहित में प्रेरणा देने का माध्यम भी होना चाहिए।

देशभर में चर्चा का विषय

गणेश उत्सव के इस अनूठे आयोजन ने न केवल उज्जैन के गणेश भक्तों को विशेष संदेश दिया है, बल्कि पूरे देश में आतंकवाद के खिलाफ जागरूकता की अलख भी जगाई है।

publicfirstnews.com

Share.

Comments are closed.