हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. स्वप्निल गर्दे ने हाल ही में मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि इस वर्ष ला-नीना प्रभाव के कारण मौसम में असामान्य ठंड पड़ने की संभावना है, जो हृदय रोगियों के लिए अतिरिक्त जोखिम ला सकती है। डॉ. गर्दे ने बताया कि ठंड का असर रक्त संचार पर पड़ता है, और विशेष रूप से उन लोगों के लिए यह खतरे की घंटी हो सकता है, जो पहले से ही हृदय रोग से पीड़ित हैं।
डॉ. गर्दे ने हृदय रोगियों को ठंड से बचने की सलाह दी और कहा कि उन्हें नियमित रूप से रक्तचाप जांच करानी चाहिए। उन्होंने कहा, “ठंड में रक्तचाप बढ़ना अक्सर बिना लक्षण के होता है, लेकिन थकान, सिरदर्द, सांस फूलना, और धड़कन तेज होना इसके संकेत हो सकते हैं।” इस समय में सावधानी बरतना और स्वास्थ्य की निगरानी रखना बेहद जरूरी है, ताकि हृदयाघात, स्ट्रोक, और उच्च रक्तचाप जैसी समस्याओं से बचा जा सके।
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