मध्यप्रदेश में शिक्षा, संस्कृति और युवाओं की प्रतिभा को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल अभ्युदय मध्यप्रदेश क्विज़ आयोजित की गई है। यह आयोजन न केवल ज्ञान और उत्तरदायित्व की भावना को प्रोत्साहित करता है, बल्कि युवाओं को प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत, आध्यात्मिक चेतना और विकास यात्रा से जोड़ने का अनूठा माध्यम भी बनता जा रहा है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का संदेश

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेशवासियों के नाम संदेश में कहा कि बुजुर्गों के आशीर्वाद, बच्चों और युवाओं के प्यार और सभी भाई-बहनों के विश्वास से मध्यप्रदेश लगातार प्रगति की ओर अग्रसर है। उन्होंने बताया कि संकल्प से सिद्धि के दो सफल वर्षों में प्रदेश ने सुशासन, नवाचार, रोजगार, निवेश, शिक्षा और सांस्कृतिक गौरव में उल्लेखनीय प्रगति की है।

डॉ. यादव ने अभ्युदय मध्यप्रदेश क्विज़ के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह आयोजन ज्ञान, सहभागिता और युवा ऊर्जा का उत्सव है। इस क्विज़ के तहत 24 महीने में 24 पुरस्कारों के माध्यम से युवाओं की प्रतिभा और परिश्रम को सम्मानित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे विरासत को संरक्षित करते हुए विकास की इस यात्रा में सक्रिय सहभागी बनें और समृद्ध, सशक्त तथा आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के निर्माण में योगदान दें।

मुख्यमंत्री के संस्कृति सलाहकार श्रीराम तिवारी ने कहा कि मध्यप्रदेश ने दो सफल वर्षों में परंपरा, धार्मिक और आध्यात्मिक मूल्यों के सम्मान के साथ विकास के नए आयाम स्थापित किए हैं। उन्होंने बताया कि अभ्युदय मध्यप्रदेश क्विज़ युवाओं को हमारी सांस्कृतिक विरासत, आध्यात्मिक चेतना और विकास यात्रा से जोड़ने का एक सशक्त माध्यम है।

श्री तिवारी ने यह भी स्पष्ट किया कि यह पहल ज्ञान, उत्तरदायित्व और सहभागिता को प्रोत्साहित करने के साथ ही संस्कारयुक्त, जागरूक और समृद्ध मध्यप्रदेश के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देगी। उनका मानना है कि क्विज़ न केवल शिक्षा का एक साधन है, बल्कि यह युवाओं में सामाजिक और सांस्कृतिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करने का एक प्रभावी मंच भी है।

अभ्युदय मध्यप्रदेश क्विज़ ने प्रदेश के युवाओं में उत्साह, सीखने की लालसा और सक्रिय भागीदारी की भावना को जागृत किया है। इस क्विज़ के माध्यम से युवा न केवल अपने ज्ञान का परीक्षण कर रहे हैं, बल्कि प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत, ऐतिहासिक उपलब्धियों और विकास परियोजनाओं के प्रति भी जागरूक हो रहे हैं।

मुख्यमंत्री और संस्कृति सलाहकार दोनों का मानना है कि ऐसे आयोजनों से युवा पीढ़ी न केवल अपने कौशल का प्रदर्शन कर सकती है, बल्कि प्रदेश के विकास और सांस्कृतिक संरक्षण में भी सक्रिय भूमिका निभा सकती है। यह क्विज़ मध्यप्रदेश की ज्ञान, संस्कृति और नवाचार के समन्वय को प्रदर्शित करने का एक अनूठा मंच बन रहा है।

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