उत्तर पन्ना वन मंडल में 3 और 4 जनवरी 2026 को एशियन वॉटरबर्ड सेंसस (AWC) 2026 का सफल आयोजन किया गया। इस दो दिवसीय सेंसस का उद्देश्य प्रदेश के जलाशयों में रहने वाले जलपक्षियों की विविधता, संख्या और संरक्षण स्थिति का आंकलन करना था। इस दौरान मंडल के अंतर्गत स्थित 20 प्रमुख जलाशयों में सुबह 7 बजे से 10 बजे तक सर्वेक्षण किया गया और कुल 113 प्रजातियों के 2841 पक्षियों का विवरण दर्ज किया गया।

सर्वेक्षण के दौरान लेसर व्हिस्लिंग डक (336), रेड वॉटल्ड लैपविंग (175), रेड क्रेस्टेड पोचार्ड (150), लिटिल कॉर्मोरेंट (115) और लिटिल एग्रेट (102) प्रमुख रूप से पाए गए। जलाशयों की दृष्टि से देखें तो देवपुर बांध में सर्वाधिक 626 पक्षियों का आंकड़ा रिकॉर्ड किया गया।

इसके बाद लोकपाल सागर (358), बहारी तालाब (300), मिनचिन सागर (215) और सिंह सागर (197) का स्थान रहा। वहीं कात्रा बंधा तालाब, अमरैया तालाब और बहादुरगंज तालाब में पक्षियों की संख्या अपेक्षाकृत कम दर्ज की गई।

इस सेंसस के आयोजन के लिए एसडीओ कृष्णा मरावी को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया था। उनके साथ एसडीओ अंशुल तिवारी, रेंजर अधिकारी नितिन राजोरिया, रेंज अधिकारी अजय बाजपेयी, पंकज दुबे, वैभव सिंह और शुभम तिवारी ने सक्रिय भूमिका निभाई। वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस सेंसस के माध्यम से जलाशयों में पक्षियों की संख्या और उनकी प्रजातियों की जानकारी जुटाई गई है, जिससे भविष्य में संरक्षण और जैव विविधता बढ़ाने के लिए योजनाएं बनाई जा सकेंगी।

वन विभाग के अधिकारियों ने यह भी बताया कि यह सर्वेक्षण राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जलपक्षी संरक्षण प्रयासों का हिस्सा है। एशियन वॉटरबर्ड सेंसस का आयोजन समय-समय पर भारत के विभिन्न राज्यों में किया जाता है, जिससे जलपक्षियों की आबादी में बढ़ोतरी या कमी की स्थिति का आंकलन किया जा सके और पर्यावरण संरक्षण नीतियों को सुदृढ़ किया जा सके।

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