मध्य प्रदेश सरकार ने उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ा और महत्वाकांक्षी कदम उठाते हुए राज्य के 55 जिलों में प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस (PM College of Excellence) स्थापित करने की घोषणा की है। इस पहल का उद्देश्य सरकारी महाविद्यालयों को आधुनिक सुविधाओं और रोजगारोन्मुखी शिक्षा से लैस कर विद्यार्थियों के उज्जवल भविष्य को सुनिश्चित करना है।
55 जिलों में शिक्षा का नया स्वरूप
राज्य के प्रत्येक जिले में सरकारी महाविद्यालय को PM कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित किया जा रहा है। इन कॉलेजों में नई शिक्षा नीति (NEP 2020) के तहत पाठ्यक्रम को अपडेट किया जाएगा और छात्रों के लिए आधुनिक लैब, डिजिटल पुस्तकालय, खेल और सांस्कृतिक सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएँगी। इसके साथ ही विभिन्न विषयों में स्नातक और स्नातकोत्तर स्तर की कक्षाएँ भी शुरू की जाएँगी।
शिक्षा और कौशल में संतुलन
इस योजना का सबसे बड़ा उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल शिक्षा तक सीमित नहीं रखना, बल्कि उन्हें रोजगारोन्मुख कौशल और व्यावहारिक अनुभव प्रदान करना है। PM कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस छात्रों को करियर के लिए तैयार करेगा और उनके भविष्य को उज्जवल बनाने में मदद करेगा।
लॉन्च और शुभारंभ
14 जुलाई 2024 को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राज्य के सभी 55 जिलों में इस योजना का वर्चुअल शुभारंभ किया। कार्यक्रम का आयोजन इंदौर के अटल बिहारी वाजपेयी शासकीय कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय में किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी उपस्थित रहे और उन्होंने योजना की दिशा और महत्व पर केंद्रीय गृह मंत्री के साथ चर्चा की।
बजटीय प्रावधान और संसाधन
इस महत्वाकांक्षी योजना के लिए ₹336 करोड़ से अधिक की राशि स्वीकृत की गई है। इसका उपयोग महाविद्यालयों के संरचना विकास, लैब उपकरण, डिजिटल पुस्तकालय और शिक्षण संसाधन में किया जाएगा। योजना के सफल कार्यान्वयन के लिए 1,845 से अधिक शैक्षणिक और 387 सह‑शिक्षण तथा प्रशासनिक पद सृजित किए जा रहे हैं।
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