मध्यप्रदेश में आज किसान सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक अध्याय जुड़ गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की दूरदर्शी सोच के सशक्त क्रियान्वयन के साथ ‘किसान कल्याण वर्ष’ का औपचारिक शुभारंभ किया गया। भोपाल के जंबूरी मैदान के निकट आयोजित किसान रथ और रैली ने पूरे प्रदेश में उत्साह, उम्मीद और विश्वास का नया संचार किया।
ड्रोन तस्वीरों में दिखा विश्वास और संकल्प
ड्रोन से ली गई भव्य तस्वीरें केवल भीड़ का दृश्य नहीं थीं, बल्कि उनमें किसानों का आत्मविश्वास, उम्मीद और भविष्य के प्रति दृढ़ संकल्प साफ दिखाई दे रहा था। किसानों के चेहरों पर विश्वास और हाथों में भविष्य की दिशा स्पष्ट झलक रही थी।
किसानों का महासंगम—नई कृषि यात्रा की शुरुआत
जंबूरी मैदान पर उमंग और उत्साह से भरा किसानों का यह ऐतिहासिक एकत्रीकरण मध्यप्रदेश की कृषि यात्रा को एक नई दिशा देता दिखाई दिया। ट्रैक्टरों की लंबी कतारों के साथ गांवों की ताकत सड़कों पर उतर आई, जिसने ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूती का संदेश दिया।
अब कृषि कल्याण वर्ष केवल एक सरकारी घोषणा नहीं, बल्कि किसानों के लिए उम्मीद और भरोसे का प्रतीक बनकर उभरा है। यह आयोजन इस बात का प्रमाण है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का विज़न काग़ज़ों से निकलकर ज़मीन पर साकार होता दिखाई दे रहा है।
“समृद्ध किसान—समृद्ध प्रदेश” का सशक्त संदेश
“समृद्ध किसान—समृद्ध प्रदेश” की सोच के साथ किसान रथों के माध्यम से शासन की योजनाओं का सीधा संवाद किसानों तक पहुँचाया गया। इससे सरकार और किसान के बीच भरोसे की नई कड़ी मजबूत हुई।
आयोजन में लगी आधुनिक कृषि प्रदर्शनी विशेष आकर्षण का केंद्र रही। प्रत्येक स्टॉल पर भविष्य की खेती की झलक देखने को मिली—जहाँ तकनीक से जुड़ता किसान और नवाचार से बदलती खेती की तस्वीर साफ नजर आई। खेत अब परंपरा के साथ-साथ नवाचार के केंद्र बनते दिखे।
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