देवास जिले के खातेगांव क्षेत्र में जली हुई अवस्था में मिली नाबालिग किशोरी के शव के मामले का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा कर दिया है। खातेगांव पुलिस ने मात्र 48 घंटे के भीतर अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाते हुए देवर और भाभी को गिरफ्तार किया है। पुलिस जांच में सामने आया कि यह हत्या अवैध संबंधों के उजागर होने के डर में की गई थी।
हत्या का तरीका
- पहले गला दबाकर किशोरी की हत्या
- फिर डीजल डालकर शव को आग के हवाले किया
- हत्या को आत्महत्या का रूप देने की साजिश
- पुलिस को गुमराह करने की कोशिश नाकाम
क्या है पूरा मामला?
एडिशनल एसपी सौम्या जैन ने शुक्रवार को खातेगांव पुलिस कैंपस में प्रेस वार्ता कर मामले का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि आरोपी कान्हा उर्फ कन्हैया अपनी भाभी के साथ एक टप्पर में आपत्तिजनक अवस्था में था, जिसे नाबालिग किशोरी ने देख लिया था।
आरोपी ने किशोरी को किसी को न बताने की धमकी दी, लेकिन जब किशोरी नहीं मानी, तो कुछ समय बाद मौका पाकर आरोपी ने उसे अकेले में गला घोंटकर मार डाला।
हत्या के बाद आरोपी ने अपनी भाभी को घटना की जानकारी दी। इसके बाद दोनों ने मिलकर हत्या को आत्महत्या दिखाने की साजिश रची। योजना के तहत:
- शव को टप्पर से बाहर निकाला गया
- कॉलोनी गेट के पास ले जाया गया
- शव पर डीजल डालकर आग लगा दी गई
ताकि यह लगे कि किशोरी ने स्वयं आग लगाकर आत्महत्या की है।
हालांकि पुलिस की सख्त जांच और तकनीकी साक्ष्यों के सामने आरोपियों की चालाकी टिक नहीं पाई। खातेगांव पुलिस ने 48 घंटे में पूरे मामले का पर्दाफाश कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया, जिन्हें अब न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
पुलिस का बयान
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि यह मामला न केवल हत्या का है, बल्कि समाज में छिपे अपराधों और अवैध संबंधों के खतरनाक परिणामों को भी उजागर करता है। मामले में आगे की विवेचना जारी है।
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