उन्नाव से भारतीय जनता पार्टी के सांसद साक्षी महाराज ने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के हालिया बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। शंकराचार्य द्वारा “हुमायूं का बेटा अकबर और औरंगजेब” वाले बयान को लेकर साक्षी महाराज ने कहा कि यह बयान पूर्वाग्रह से ग्रसित है और इसके पीछे कहीं न कहीं विपक्ष की शह दिखाई देती है।

साक्षी महाराज ने कहा,

“शंकराचार्य ने कभी अयोध्या का राम मंदिर नहीं देखा, बाबा विश्वनाथ को नहीं देखा, केदारनाथ के बाबा को नहीं देखा। देशभर में जिन मंदिरों का उद्धार हुआ है, वह उन्हें दिखाई नहीं देता। देश को पहला ऐसा प्रधानमंत्री मिला है जिसने ‘विकास भी, विरासत भी’ के सिद्धांत पर काम किया, लेकिन यह सब नजरअंदाज किया जा रहा है।”

उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह के बयान भारतीय जनता पार्टी को कमजोर करने के उद्देश्य से दिए जा रहे हैं।

धक्का-मुक्की मामले पर बोले साक्षी महाराज

धक्का-मुक्की की घटना को लेकर साक्षी महाराज ने कहा,

“साक्षी यह घटना सर्वथा अनुचित थी। चींटी भी दबती है तो काटती है। उस धक्का-मुक्की में पुलिस को कार्रवाई करनी पड़ी होगी, लेकिन फिर भी इस मामले को जल्द से जल्द निपटाया जाना चाहिए।”

विपक्ष के साथ खड़े होने के आरोप पर सवाल

शंकराचार्य के विपक्षी दलों—कांग्रेस और समाजवादी पार्टी—के पक्ष में खड़े होने के बयान पर साक्षी महाराज ने कई सवाल खड़े किए।

उन्होंने कहा,

“मैं शंकराचार्य से पूछना चाहता हूँ, कुंभ के दौरान जब अखिलेश यादव मुख्यमंत्री थे, तब लाठी-डंडों से आपको किसने पिटवाया था?”

साक्षी महाराज ने आगे कहा,

“अयोध्या में राम मंदिर की लड़ाई के दौरान रामभक्तों और संत-महात्माओं की छातियों को गोलियों से छलनी किसने किया था? बोट क्लब पर गौरक्षा के लिए गए साधु-संतों और गौरक्षकों पर गोली चलाकर हजारों लोगों को किसने मारा था?”

उन्होंने कहा कि,

“जिस गौरक्षा की आज आप बात करते हैं, उन्हीं पर गोलियां चलवाई गईं और आज आप उन्हीं लोगों के साथ खड़े हैं। फिर भी आप अपने आपको शंकराचार्य कहते हैं?”

निष्पक्षता पर उठाया सवाल

साक्षी महाराज ने शंकराचार्य की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए कहा,

“आपका पद तो हमेशा निष्पक्षता का प्रतीक रहा है, लेकिन आपके गुरुजी को भी ‘कांग्रेसी शंकराचार्य’ कहा जाता था। संत को निष्पक्ष होकर बात करनी चाहिए।”

उन्होंने आरोप लगाया कि शंकराचार्य अखिलेश यादव सरकार के दौरान हुए अत्याचारों को भूल गए हैं, जब उन्हें पुलिस द्वारा बुरी तरह पीटा गया था।

PUBLICFIRSTNEWS.COM

Share.
Leave A Reply