विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 218 बड़नगर में मतदाताओं के लोकतांत्रिक अधिकारों के कथित हनन के विरोध में गुरुवार को कांग्रेस संगठन द्वारा तहसील कार्यालय पर विशाल धरना-प्रदर्शन किया गया। यह आंदोलन शहर कांग्रेस कमेटी बड़नगर, सेवादल कांग्रेस, किसान कांग्रेस, ब्लॉक युवा कांग्रेस बड़नगर-इंगोरिया, पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ, अल्पसंख्यक कांग्रेस, महिला कांग्रेस एवं एनएसयूआई के संयुक्त नेतृत्व में आयोजित हुआ। धरना पूर्व विधायक मुरली मोरवाल के नेतृत्व में हुआ, जिसके बाद तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा गया।
पूर्व विधायक मुरली मोरवाल ने आरोप लगाया कि जलोद संजर, माधोपुरा, रुनिजा, उमरिया, खेड़ा, झलारिया सहित ग्रामीण और नगरीय क्षेत्रों के 281 मतदान केंद्रों से लगातार शिकायतें मिल रही हैं कि बीएलओ द्वारा राजनीतिक दबाव में पात्र मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए जा रहे हैं।
कानून और संविधान के दुरुपयोग का आरोप
मोरवाल ने कहा कि सत्ता पक्ष के दबाव में बीएलओ द्वारा लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 की धारा 31 एवं संविधान के अनुच्छेद 324 का खुलेआम दुरुपयोग किया जा रहा है। वर्षों से निवास कर रहे वैध मतदाताओं के नाम दुर्भावनापूर्ण तरीके से सूची से विलोपित किए जा रहे हैं।
धरना-प्रदर्शन के दौरान यह भी आरोप लगाया गया कि प्रारूप-07 (नाम हटाने की आपत्ति) में राजनीतिक पदाधिकारियों द्वारा अपने वास्तविक हस्ताक्षर न कर फर्जी हस्ताक्षरों से एकमुश्त आपत्तियां दर्ज कराई जा रही हैं, ताकि भविष्य में जांच होने पर दंडात्मक कार्रवाई से बचा जा सके।
ग्राम जलोद संजर के कांग्रेस कार्यकर्ता हीरालाल चौधरी ने 45 ग्रामीणों की सूची तहसीलदार को सौंपी। इस संबंध में बीएलओ द्वारा नाम हटाने के लिए सूची दिए जाने की बात स्वीकार किए जाने का दावा किया गया। इस पर पूर्व विधायक मुरली मोरवाल ने बीएलओ को किसी भी राजनीतिक दबाव में न आने की चेतावनी देते हुए कहा कि अन्यथा कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए तहसीलदार ने संबंधित बीएलओ को तत्काल कार्यालय में तलब कर जांच के निर्देश दिए हैं।
निष्पक्ष जांच और नाम बहाली की मांग
ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई कि सभी आपत्तियों की निष्पक्ष जांच कर पात्र मतदाताओं के नाम पुनः मतदाता सूची में बहाल किए जाएं तथा दोषी कर्मचारियों के विरुद्ध सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाए।
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