मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के मीडिया विभाग के अध्यक्ष मुकेश नायक ने ओरछा स्थित रामराजा मंदिर में प्रस्तावित “रामराजा लोक” परियोजना में भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के गंभीर आरोप लगाते हुए राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है।

श्री नायक ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के कार्यकाल में धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए “महालोक” परियोजनाओं की शुरुआत की गई थी। लेकिन अब यह स्पष्ट हो रहा है कि इन परियोजनाओं का उपयोग केवल पर्यटन के लिए नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार के माध्यम के रूप में किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि ओरछा का रामराजा मंदिर देश का अद्वितीय आस्था केंद्र है, जहां भगवान श्रीराम को “राजा” के रूप में पूजा जाता है। यह बुंदेलखंड की आस्था, श्रद्धा और सांस्कृतिक विरासत का केंद्र है, जहाँ प्रतिवर्ष लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं।

परियोजना में लगाई गई राशि और गंभीर अनियमितताएं

मुकेश नायक ने आरोप लगाया कि सरकार ने इस पवित्र स्थल के विकास के लिए लगभग 339 करोड़ रुपए की परियोजना तैयार की है। इसमें:

  • प्रथम चरण में 153 करोड़ रुपए
  • द्वितीय चरण में 125 करोड़ रुपए
  • तृतीय चरण में 74 करोड़ रुपए

इस परियोजना में सबसे गंभीर मामला पत्थरों की खरीद को लेकर सामने आया है। बलुआ पत्थर जिसकी वास्तविक बाजार कीमत लगभग 52 रुपए प्रति वर्गफीट है, उसे सरकारी दस्तावेजों में 335 रुपए प्रति वर्गफीट की दर से खरीदा जा रहा है। यह पांच से छह गुना अधिक मूल्य है, जो बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार की ओर इशारा करता है।

श्री नायक ने कहा कि लोक निर्माण विभाग (PWD) की शेड्यूल ऑफ रेट (SOR) मानक को दरकिनार करते हुए पर्यटन विभाग ने स्वयं का नया SOR तैयार कर लिया। PWD के अनुसार पत्थर फिटिंग सहित लगभग 62.5 रुपए प्रति वर्गफीट में उपलब्ध है, जबकि परियोजना में इसे 335 रुपए तय किया गया।

नियमों के अनुसार अधिकतम 10 प्रतिशत तक की दर वृद्धि संभव है, लेकिन यहां 600 प्रतिशत तक की वृद्धि की गई है, जो स्पष्ट रूप से भ्रष्टाचार का मामला है।

अवैध उत्खनन और सरकारी नुकसान

मुकेश नायक ने वन विभाग की रिपोर्ट का हवाला देते हुए बताया कि पत्थर माफिया द्वारा वन भूमि से अवैध उत्खनन कर उसे निजी भूमि बताकर बेचा जा रहा है, जिससे सरकारी राजस्व को भारी नुकसान हो रहा है। प्रशासन इस मामले में कार्रवाई करने में असहाय दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि कैग (CAG) की रिपोर्ट में भी इस प्रकार की परियोजनाओं में अनियमितताओं पर गंभीर आपत्तियां दर्ज की गई हैं, इसके बावजूद सरकार कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रही है।

पिछला उदाहरण और आरोप

श्री नायक ने उज्जैन महाकाल लोक का उदाहरण देते हुए बताया कि वहां भी भ्रष्टाचार के कारण निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठे और प्राकृतिक झोंकों में मूर्तियां क्षतिग्रस्त हो गई थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार धार्मिक आस्थाओं का राजनीतिक लाभ लेने के लिए उपयोग कर रही है और जनता की भावनाओं के साथ खिलवाड़ कर रही है।

कांग्रेस की मांग

अंत में मुकेश नायक ने ओरछा रामराजा लोक परियोजना की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच कराने, दोषी अधिकारियों और ठेकेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और जनता के पैसे और आस्था दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।

PUBLICFIRSTNEWS.COM

Share.
Leave A Reply