जालौन, बांदा, हमीरपुर:
बुंदेलखंड क्षेत्र के इन जिलों में अचानक हुई बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की तैयार फसलों को बर्बाद कर दिया है। तेज हवाओं के साथ हुई बारिश और ओलों की मार से गेहूं, चना और सरसों जैसी प्रमुख फसलें जमीन पर गिर गईं और उनकी गुणवत्ता प्रभावित हुई।

खेतों में पानी और फसल नुकसान

ग्रामीण इलाकों में कई खेतों में पानी भर गया है, जिससे फसलों के सड़ने का खतरा बढ़ गया है। किसानों का कहना है कि यदि मौसम साफ रहता और समय पर कटाई हो जाती, तो यह नुकसान टाला जा सकता था।

“पूरी साल की मेहनत और लागत इस अचानक बदलाव ने एक झटके में खत्म कर दी,” स्थानीय किसान ने बताया।

आर्थिक संकट और कर्ज का डर

कई किसानों ने कर्ज लेकर खेती की थी। अब उनके सामने न केवल फसल बर्बाद हुई है, बल्कि कर्ज चुकाने का संकट भी खड़ा हो गया है। किसान कह रहे हैं कि उनके पास न तो फसल बची है और न ही कोई आय का साधन।

प्रशासन से मांग

किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि प्रभावित क्षेत्रों का सर्वे कराया जाए और वास्तविक नुकसान का आकलन कर उचित मुआवजा दिया जाए। साथ ही, उन्होंने सरकार से आर्थिक सहायता और राहत पैकेज की भी मांग की है।

विशेषज्ञ की राय

विशेषज्ञों का मानना है कि बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि यह साबित कर देती है कि खेती पूरी तरह मौसम पर निर्भर है। थोड़ी सी प्राकृतिक आपदा भी किसानों की आर्थिक स्थिति को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकती है।

किसान प्रशासन की ओर उम्मीद भरी नजरों से देख रहे हैं कि जल्द राहत मिले और उनके नुकसान की भरपाई हो

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