वाराणसी। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अपने वाराणसी दौरे के दौरान बाबा काशी विश्वनाथ मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने विधि-विधान से दर्शन-पूजन किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने न केवल बाबा विश्वनाथ के समक्ष प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की, बल्कि काशी की आध्यात्मिक विरासत को भी नमन किया।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विश्वनाथ मंदिर कॉरिडोर में स्थापित देवी अहिल्याबाई होलकर की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। उन्होंने अहिल्याबाई के योगदान को स्मरण करते हुए कहा कि काशी विश्वनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण और संरक्षण में उनका ऐतिहासिक योगदान अविस्मरणीय है।
इसके बाद मुख्यमंत्री ने माँ गंगा के तट पर पहुंचकर विधिवत पूजन-अर्चन किया। गंगा पूजन के दौरान वैदिक मंत्रोच्चार के बीच धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुआ, जिसमें उन्होंने प्रदेश और देश की सुख-शांति व समृद्धि की कामना की।
यह दौरा केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि ‘क्षिप्रा से गंगा तक’ सांस्कृतिक और आध्यात्मिक जुड़ाव को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी माना जा रहा है।
इसी कड़ी में आज मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में काशी विश्वनाथ मंदिर ट्रस्ट और उज्जैन स्थित श्री महाकालेश्वर मंदिर ट्रस्ट के बीच एक अहम समझौता ज्ञापन (MOU) पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। इस MOU के जरिए दोनों प्रमुख धार्मिक स्थलों के बीच सहयोग, प्रबंधन, तीर्थ पर्यटन और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को नई दिशा मिलेगी।
सूत्रों के अनुसार, इस समझौते से श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने, धार्मिक आयोजनों के समन्वय और पर्यटन को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी। साथ ही, यह पहल मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश के बीच सांस्कृतिक संबंधों को और मजबूत करने का माध्यम भी बनेगी।
वाराणसी में आयोजित कार्यक्रमों के दौरान मुख्यमंत्री ने ‘एमपी-यूपी सहयोग’ की भावना को दोहराते हुए कहा कि दोनों राज्यों के बीच यह साझेदारी विकास, संस्कृति और आस्था—तीनों क्षेत्रों में नए अवसर खोलेगी।
कुल मिलाकर, यह दौरा आस्था, परंपरा और विकास के संगम के रूप में देखा जा रहा है, जिसमें ‘क्षिप्रा से गंगा तक’ जुड़ाव को एक नई पहचान मिल रही है।
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