बस्तर संभाग मुख्यालय जगदलपुर में एक बार फिर भक्ति और आध्यात्मिकता का माहौल देखने को मिल रहा है। नगर के डॉ. श्यामप्रसाद मुखर्जी वार्ड स्थित श्री ओंकारेश्वर मंदिर प्रांगण में मंगलवार 7 अप्रैल से 14 अप्रैल तक आयोजित होने वाली श्रीमद् भागवत कथा का भव्य शुभारंभ कलश यात्रा के साथ किया गया।
सात दिवसीय इस धार्मिक आयोजन में श्रद्धालु धर्म, ज्ञान और भक्ति का अद्भुत संगम अनुभव करेंगे। कथा का वाचन प्रसिद्ध कथावाचक सुबोध महाराज द्वारा किया जा रहा है। आयोजन समिति की सदस्य नीतू देवांगन के अनुसार, प्रतिदिन दोपहर 3 बजे से शाम 6:30 बजे तक कथा का आयोजन होगा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।
कार्यक्रम का शुभारंभ भव्य कलश यात्रा के साथ हुआ, जिसमें महिलाओं और श्रद्धालुओं ने पारंपरिक वेशभूषा में भाग लेकर पूरे क्षेत्र को भक्ति और उत्साह के रंग में रंग दिया।
आयोजन समिति की सदस्य संध्या महावर ने बताया कि यह कार्यक्रम केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता और आध्यात्मिक जागरूकता का संदेश भी देता है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए आयोजन स्थल पर सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं।
समिति की सदस्य शुभ्रा दास ने जानकारी दी कि करीब डेढ़ माह पहले ही ओंकारेश्वर मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा सम्पन्न हुई थी। मंदिर निर्माण के दौरान ही यह निर्णय लिया गया था कि निर्माण के डेढ़ महीने के भीतर भागवत कथा का आयोजन किया जाएगा। इस आयोजन में वार्ड सहित पूरे जगदलपुर नगर के नागरिकों का सहयोग रहा है।
उन्होंने बताया कि भगवान की कृपा से इस भव्य भागवत कथा का आयोजन संभव हो पाया है, जिसमें “हरि की कथा, स्वयं हरी सुनने आए हैं” जैसी आध्यात्मिक अनुभूति हो रही है।
कार्यक्रम के अंतर्गत विभिन्न धार्मिक प्रसंगों का भी आयोजन किया जाएगा। 8 अप्रैल को वृंदावन परिक्रमा झांकी, 9 अप्रैल को गज-ग्राह प्रसंग, 10 अप्रैल को गोवर्धन पूजा, 11 अप्रैल को श्रीराम जन्मोत्सव, 12 अप्रैल को रुक्मणी विवाह और 13 अप्रैल को सुदामा चरित्र का वर्णन किया जाएगा।
कार्यक्रम का समापन 14 अप्रैल को हवन, पूर्णाहुति और महाप्रसाद वितरण के साथ किया जाएगा।
आयोजन समिति ने सभी श्रद्धालुओं से सपरिवार उपस्थित होकर इस आध्यात्मिक आयोजन का लाभ उठाने की अपील की है।
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