मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के गृह जिले उज्जैन में पुलिस ने इस माह नशे के खिलाफ एक बड़ा अभियान छेड़ रखा है। 1 अप्रैल से अब तक 10 से अधिक मामलों में 15 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया है। अधिकांश आरोपी इंदौर, देवास, आगर, मंदसौर और झालावाड़ के रहने वाले हैं।

पुलिस ने आरोपियों से लगातार पूछताछ की जा रही है ताकि उनके डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त किया जा सके। अभियान के तहत पिछले 7 दिनों में 50 से अधिक आरोपियों के खिलाफ जिलाबदर, एनएसए और एनडीपीएस के तहत कार्रवाई की गई है। कुछ लोगों को प्रतिबंधात्मक धाराओं में बंद किया गया है।

अंतरराज्यीय ड्रग्स नेटवर्क का पर्दाफाश

उज्जैन पुलिस ने सिंथेटिक ड्रग्स MDMA बनाने की एक बड़ी साजिश का खुलासा किया। चिमनगंज मंडी थाना पुलिस ने आगर रोड स्थित गैरेज पर दबिश देकर भारी मात्रा में केमिकल, नकदी और फर्जी दस्तावेज जब्त किए। इस कार्रवाई में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जिससे एक अंतरराज्यीय ड्रग्स नेटवर्क का खुलासा हुआ।

इसी बीच, पंवासा थाना पुलिस ने बीती रात कार्यवाही करते हुए एक महिला सहित 3 आरोपियों को MDMA ड्रग्स के साथ गिरफ्तार किया। पकड़ी गई ड्रग्स की कीमत लगभग ढाई लाख रुपये बताई जा रही है।

पुलिस की रणनीति

उज्जैन पुलिस का उद्देश्य ट्रांजिट रूट पर स्थित डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क को पूरी तरह नष्ट करना है। इसके तहत सप्लाई चैन को तोड़ने में भी पुलिस को सफलता मिली है। विभिन्न थाना क्षेत्रों में लगातार कार्रवाई करके नशे के सौदागरों पर शिकंजा कसा जा रहा है।

उज्जैन पुलिस का यह अभियान जिले में नशे की समस्या को कम करने और समाज को सुरक्षित बनाने की दिशा में अहम कदम साबित हो रहा है।

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