ग्वालियर में आज राज्य स्तरीय दुग्ध उत्पादक एवं पशुपालक सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर पूरे आयोजन स्थल पर उत्साह और ऊर्जा का माहौल देखने को मिला।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कार्यक्रम स्थल पर पहुंचकर सबसे पहले विभिन्न विभागों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का विस्तार से अवलोकन किया। उन्होंने प्रदर्शनी में प्रस्तुत नवाचारों, पशुपालन से जुड़ी आधुनिक तकनीकों और दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने वाली योजनाओं की जानकारी ली तथा अधिकारियों से संवाद भी किया।

इसके बाद मुख्यमंत्री ने गौसेवा कर प्रदेश की सांस्कृतिक और धार्मिक परंपरा को आगे बढ़ाने का संदेश दिया। उन्होंने गौमाता के संरक्षण और संवर्धन को सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल बताते हुए इस दिशा में किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।

कार्यक्रम का सबसे भावुक और आकर्षक क्षण वह रहा जब मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंच पर पहुंचकर उपस्थित विशाल जनसमूह पर पुष्पवर्षा की। इस आत्मीय gesture से पूरा पंडाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा और लोगों ने मुख्यमंत्री का गर्मजोशी से स्वागत किया।

इसके बाद मुख्यमंत्री ने विशाल जनसभा को संबोधित किया। अपने संबोधन में उन्होंने पशुपालकों और दुग्ध उत्पादकों की भूमिका को ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ बताया। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों और पशुपालकों की आय बढ़ाने के लिए लगातार नई योजनाएं लागू कर रही है और आधुनिक तकनीक को गांव-गांव तक पहुंचाने का प्रयास कर रही है।

सीएम ने यह भी कहा कि दुग्ध उत्पादन न केवल आर्थिक सशक्तिकरण का माध्यम है, बल्कि यह ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन का भी महत्वपूर्ण साधन है। उन्होंने पशुपालकों से अपील की कि वे वैज्ञानिक तरीके अपनाकर उत्पादन बढ़ाएं और सरकार की योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाएं।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पशुपालक, किसान, जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे। पूरे आयोजन ने यह संदेश दिया कि मध्यप्रदेश में पशुपालन और दुग्ध उद्योग को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

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