बहुचर्चित मनीष सिंह हत्याकांड में वाराणसी पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। कमिश्नरेट वाराणसी की फूलपुर पुलिस और एसओजी (SOG) टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए ₹50-50 हजार के दो इनामी बदमाशों—आशीष राजभर और मनीष राजभर—को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपी लंबे समय से फरार चल रहे थे। गुप्त सूचना के आधार पर पता चला कि आरोपी ग्राम कठिराव खरका के पास एक जर्जर ईंट-भट्टे के मकान में छिपे हुए हैं। सूचना मिलते ही पुलिस और एसओजी टीम ने इलाके की घेराबंदी कर सर्च ऑपरेशन शुरू किया।
इसी दौरान बदमाशों ने खुद को घिरता देख पुलिस टीम पर जानलेवा फायरिंग शुरू कर दी। जवाब में पुलिस ने आत्मरक्षा में फायरिंग की, जिसमें दोनों आरोपियों के पैर में गोली लग गई। घायल अवस्था में दोनों को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया।
गिरफ्तारी के बाद आरोपियों को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से दो अवैध तमंचे (.315 बोर) और जिंदा कारतूस भी बरामद किए हैं।
यह मामला 26 अप्रैल का है, जब फूलपुर क्षेत्र में एक अनियंत्रित कार ने एक महिला को टक्कर मार दी थी। घटना से नाराज ग्रामीणों ने कार चालक मनीष सिंह की पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। इस घटना के बाद पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी और आरोपियों की लगातार तलाश की जा रही थी।
इस मामले में पुलिस पहले ही 4 मुख्य आरोपियों और 5 अन्य सहयोगियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। ताजा मुठभेड़ में दो और मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी को पुलिस की बड़ी कामयाबी माना जा रहा है।
फिलहाल पुलिस आगे की विधिक कार्रवाई में जुटी है और मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच जारी है।
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