एर्नाकुलम (केरल), 3 अगस्त 2026। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) की केंद्रीय कार्यसमिति की दो दिवसीय बैठक 1 और 2 अगस्त को केरल के एर्नाकुलम में सफलतापूर्वक संपन्न हुई। बैठक में संगठनात्मक समीक्षा, समसामयिक राष्ट्रीय विषयों, शिक्षा सुधार, छात्र हितों और आगामी वर्ष की कार्ययोजना पर व्यापक चर्चा की गई।

बैठक में अभाविप ने झारखंड, बिहार, कर्नाटक और पंजाब सहित विभिन्न राज्यों में प्रतियोगी परीक्षाओं में सामने आए प्रश्नपत्र लीक के मामलों पर गंभीर चिंता व्यक्त की। संगठन ने इन घटनाओं के खिलाफ संघर्ष कर रहे विद्यार्थियों की न्यायोचित मांगों और उनके लोकतांत्रिक आंदोलनों का पूर्ण समर्थन करते हुए समाज के विभिन्न संगठनों और नागरिकों से भी इस आंदोलन में सहभागिता का आह्वान किया।

अभाविप ने कहा कि प्रत्येक विद्यार्थी को निष्पक्ष, पारदर्शी और विश्वसनीय परीक्षा व्यवस्था मिलना उसका अधिकार है। इसी उद्देश्य से संगठन ने घोषणा की कि वह नीट परीक्षा में अनियमितताओं के बाद गठित भारत सरकार की उच्चस्तरीय समिति के समक्ष परीक्षा प्रणाली में आवश्यक संस्थागत सुधारों के लिए विस्तृत सुझाव और अनुशंसाएं प्रस्तुत करेगा।

बैठक में संगठन के राष्ट्रीय अभियानों की आगामी कार्ययोजना भी तय की गई। इसके तहत ‘वंदे मातरम् @150 वर्ष : कैंपस टू कैंपस वंदे मातरम्’, ‘एक गाँव-एक तिरंगा’, ‘स्क्रीन टाइम टू एक्टिविटी टाइम’ अभियान, स्वतंत्रता दिवस पर तिरंगा रैलियां तथा सामूहिक वंदे मातरम् गायन कार्यक्रम देशभर में आयोजित किए जाएंगे।

अभाविप ने संसद द्वारा राष्ट्रीय सम्मान अपमान निवारण (संशोधन) विधेयक, 2026 के माध्यम से राष्ट्रगीत वंदे मातरम् को विधिक संरक्षण प्रदान किए जाने का स्वागत करते हुए इसे भारत की राष्ट्रीय चेतना, स्वतंत्रता संग्राम की गौरवशाली विरासत और सांस्कृतिक अस्मिता के संरक्षण की दिशा में ऐतिहासिक निर्णय बताया।

बैठक में संगठनात्मक विस्तार, अखिल भारतीय छात्रावास सर्वेक्षण, 72वें राष्ट्रीय अधिवेशन, SEIL@60, अंतरराष्ट्रीय विद्यार्थी संपर्क, ओवरसीज कार्य, कार्यशाला संस्कृति और विभिन्न राष्ट्रीय कार्यक्रमों को लेकर भी विस्तृत चर्चा की गई तथा आगामी कार्ययोजना को अंतिम रूप दिया गया।

अभाविप के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. वीरेंद्र सिंह सोलंकी ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार सामने आ रही प्रश्नपत्र लीक की घटनाएं देश की परीक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। उन्होंने कहा कि अभाविप विद्यार्थियों के अधिकारों, पारदर्शी परीक्षा प्रणाली और निष्पक्ष चयन प्रक्रिया के लिए निरंतर संघर्ष करती रहेगी।

उन्होंने बताया कि केरल में केंद्रीय कार्यसमिति की बैठक आयोजित होने के कारण राज्य में संगठनात्मक विस्तार को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी। साथ ही ‘कैंपस टू कैंपस वंदे मातरम्’ और ‘स्क्रीन टाइम टू एक्टिविटी टाइम’ अभियानों को केरल के शैक्षणिक परिसरों में व्यापक स्तर पर संचालित किया जाएगा, ताकि विद्यार्थियों में राष्ट्रभक्ति, सकारात्मक परिसर संस्कृति, नेतृत्व क्षमता और सक्रिय जनभागीदारी को और अधिक सशक्त बनाया जा सके।

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