भोपाल/बैरसिया। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल के बैरसिया में लगभग 35 एकड़ क्षेत्र में 50 करोड़ 74 लाख रुपये की लागत से निर्मित शासकीय सांदीपनि ठाकुर लाल सिंह उच्चतर माध्यमिक विद्यालय का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि यह केवल एक नए विद्यालय भवन का उद्घाटन नहीं, बल्कि क्षेत्र में शिक्षा के नए युग की शुरुआत है। उन्होंने विश्वास जताया कि सांदीपनि विद्यालय प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण, समावेशी और आधुनिक शिक्षा का नया मॉडल बनेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सांदीपनि विद्यालय विद्यार्थियों को आधुनिक सुविधाओं के साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, संस्कार, आत्मविश्वास और कौशल प्रदान करेंगे। सरकार का लक्ष्य ऐसी पीढ़ी तैयार करना है, जो आत्मनिर्भर बने और वर्ष 2047 के विकसित भारत के निर्माण में नेतृत्वकारी भूमिका निभाए।
उन्होंने कहा कि विद्यालय केवल पुस्तकीय ज्ञान प्राप्त करने का स्थान नहीं हैं, बल्कि चरित्र निर्माण, अनुशासन, जीवन मूल्यों और व्यक्तित्व विकास के सबसे बड़े केंद्र होते हैं। गुरु-शिष्य परंपरा का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि माता-पिता जीवन देते हैं, जबकि गुरु और विद्यालय उस जीवन को सही दिशा देकर उसे सार्थक बनाते हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल नौकरी प्राप्त करना नहीं होना चाहिए। विद्यार्थी डॉक्टर, इंजीनियर, किसान, उद्यमी, पत्रकार, प्रशासनिक अधिकारी या किसी भी क्षेत्र में उत्कृष्टता हासिल कर समाज और राष्ट्र के विकास में योगदान दे सकते हैं। उन्होंने छात्रों से अपनी रुचि और प्रतिभा के अनुसार क्षेत्र चुनकर पूरी लगन और ईमानदारी से आगे बढ़ने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि सांदीपनि विद्यालय गरीब और अमीर के बीच शिक्षा के अवसरों की असमानता को समाप्त करने की दिशा में राज्य सरकार का महत्वपूर्ण प्रयास हैं। इन विद्यालयों के माध्यम से प्रत्येक विद्यार्थी को समान अवसर और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे सामाजिक समानता को भी मजबूती मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अमृतकाल 2047 के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए प्रदेश में ऐसी शिक्षा व्यवस्था विकसित की जा रही है, जो विद्यार्थियों को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाए। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि मध्यप्रदेश के बच्चे अपनी प्रतिभा, ज्ञान और नवाचार के बल पर विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे और प्रदेश का गौरव बढ़ाएंगे।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले सांदीपनि विद्यालय के विद्यार्थियों का सम्मान किया तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा केवल ज्ञान अर्जित करने का माध्यम नहीं, बल्कि सामाजिक समानता, आत्मनिर्भरता और राष्ट्र निर्माण की सबसे मजबूत नींव है। राज्य सरकार इसी सोच के साथ शिक्षा के क्षेत्र में लगातार सुधार और नवाचार कर रही है। उन्होंने कहा कि सांदीपनि विद्यालयों के माध्यम से मध्यप्रदेश शिक्षा के क्षेत्र में नई पहचान स्थापित करेगा और आज के विद्यार्थी ही वर्ष 2047 के विकसित भारत के वास्तविक नेतृत्वकर्ता बनेंगे।
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