किसान फ़र्स्ट ब्यूरो ।
HIGHLIGHTS FIRST
- भारतीय किसान संघ मध्यभारत प्रांत की बैठक संपन्न
- सोयाबीन-धान की भावांतर योजना का विरोध
भारतीय किसान संघ मध्यभारत प्रांत की महत्वपूर्ण बैठक रविवार, 13 सितंबर 2026 को भोपाल स्थित प्रदेश कार्यालय में आयोजित हुई। बैठक में संगठन के आगामी सदस्यता अभियान की तैयारियों के साथ किसानों और संगठन से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में अखिल भारतीय महामंत्री मोहिनी मोहन मिश्र का मार्गदर्शन प्राप्त हुआ।
बैठक में एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव सोयाबीन और धान पर भावांतर योजना को लेकर सामने आया। भारतीय किसान संघ मध्यभारत प्रांत ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित करते हुए कहा कि संगठन भावांतर योजना के पक्ष में नहीं है। इस संबंध में सरकार को पत्र लिखकर संगठन की आपत्ति और अपना पक्ष बताया जाएगा।
भारत माता और भगवान बलराम के पूजन से हुआ शुभारंभ
बैठक का शुभारंभ भारत माता एवं भगवान बलराम जी के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ।
इसके बाद संगठन के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने आगामी गतिविधियों तथा किसानों से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की।
सदस्यता अभियान की तैयारियों पर मंथन
बैठक में भारतीय किसान संघ के आगामी सदस्यता अभियान को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।
प्रांत के विभिन्न जिलों से आए कार्यकर्ताओं ने अपने-अपने जिलों में सदस्यता अभियान की तैयारियों और संगठनात्मक गतिविधियों की जानकारी प्रस्तुत की।
जिला स्तर पर संगठन को मजबूत करने, अधिक से अधिक किसानों को संगठन से जोड़ने तथा आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा पर भी विचार-विमर्श किया गया।
भावांतर योजना पर संगठन ने जताई असहमति
बैठक का सबसे महत्वपूर्ण निर्णय सोयाबीन और धान की भावांतर योजना को लेकर रहा।
बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया गया कि भारतीय किसान संघ मध्यभारत प्रांत भावांतर योजना का समर्थन नहीं करता।
संगठन का निर्णय है कि इस विषय पर सरकार को औपचारिक पत्र लिखा जाएगा और किसानों के हित में संगठन का पक्ष सरकार के समक्ष रखा जाएगा।
भावांतर योजना पर किसान संघ की स्पष्ट स्थिति
“सोयाबीन और धान पर भावांतर योजना के पक्ष में नहीं।”
हालांकि, बैठक में संगठन द्वारा इसके विकल्प के रूप में किसी विशिष्ट नीति का विस्तृत प्रारूप सार्वजनिक रूप से प्रस्तुत किए जाने की जानकारी इस वक्तव्य में नहीं दी गई है। इसलिए संगठन की आगामी चिट्ठी और उसमें सुझाए जाने वाले समाधान पर नजर रहेगी।
किसानों की समस्याओं और समाधान पर भी चर्चा
बैठक में मध्यभारत प्रांत के विभिन्न क्षेत्रों से संबंधित किसानों की समस्याओं और उनके संभावित समाधान पर भी चर्चा हुई।
कृषि से जुड़े विषयों, किसानों की आर्थिक स्थिति और संगठन की आगामी भूमिका को लेकर कार्यकर्ताओं ने अपने सुझाव रखे।
भारतीय किसान संघ की ओर से कहा गया कि किसानों से जुड़े मुद्दों को संगठनात्मक स्तर पर उठाने और संबंधित सरकारों एवं प्रशासन तक पहुंचाने का काम लगातार किया जाएगा।
कार्यकर्ताओं की भूमिका पर अखिल भारतीय महामंत्री का मार्गदर्शन
बैठक में अखिल भारतीय महामंत्री मोहिनी मोहन मिश्र ने संगठन में कार्यकर्ताओं की भूमिका और महत्व पर मार्गदर्शन दिया।
उन्होंने संगठनात्मक कार्यों में कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी को महत्वपूर्ण बताया और जमीनी स्तर पर किसानों से निरंतर संपर्क बनाए रखने पर जोर दिया।
बैठक का उद्देश्य केवल संगठनात्मक गतिविधियों की समीक्षा तक सीमित नहीं रहा, बल्कि किसानों से जुड़े मुद्दों पर सामूहिक रूप से विचार करने का मंच भी बना।
प्रांतीय नेतृत्व की मौजूदगी
बैठक की अध्यक्षता प्रांत अध्यक्ष सर्वज्ञ जी दीवान ने की, जबकि बैठक के विषय प्रांत महामंत्री शिवनंदन जी रघुवंशी द्वारा प्रस्तुत किए गए।
बैठक में प्रमुख रूप से—
- अखिल भारतीय उपाध्यक्ष रामभरोसे जी बसोतिया
- क्षेत्रीय संगठन मंत्री महेश जी चौधरी
- प्रदेश जैविक प्रमुख जगराम जी यादव
- प्रदेश कोषाध्यक्ष नवनीत जी रघुवंशी
- प्रांत संगठन मंत्री भरत जी पटेल
- प्रांतीय कार्यकारिणी के सदस्य
उपस्थित रहे।
अब सरकार को पत्र का इंतजार
बैठक में भावांतर योजना को लेकर प्रस्ताव पारित होने के बाद अब भारतीय किसान संघ द्वारा सरकार को भेजे जाने वाले पत्र पर नजर रहेगी।
यह पत्र महत्वपूर्ण इसलिए भी होगा क्योंकि संगठन अपनी आपत्ति के साथ किसानों के लिए किस वैकल्पिक व्यवस्था की मांग करता है, यह उसमें स्पष्ट हो सकता है।
फिलहाल मध्यभारत प्रांत की बैठक से एक बात साफ है—
सोयाबीन और धान पर भावांतर योजना को लेकर भारतीय किसान संघ ने अपना विरोध दर्ज कराने का फैसला किया है।
किसान फ़र्स्ट ।
publicfirstnews.com
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