मूंग खरीदी बढ़ी, धान सहायता जारी, तापी परियोजना से सिंचाई को मिलेगी नई ताकत

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि नई कृषि तकनीकें ही किसानों की समृद्धि का नया द्वार हैं। उन्होंने किसानों से आधुनिक खेती अपनाने, वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों से जुड़ने और शासन की योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाने की अपील की। बैतूल में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने किसानों के हित में कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं।

आधुनिक खेती से बढ़ेगी किसानों की आय

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान जितना अधिक आधुनिक तकनीकों और वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों को अपनाएंगे, उनकी आय उतनी ही बढ़ेगी और खेती अधिक लाभकारी बनेगी। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश में उद्यानिकी फसलों का उत्पादन लगातार बढ़ रहा है और बागवानी फसलों के विकास एवं विस्तार में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रदेश को देश का पहला पुरस्कार मिला है।

उन्होंने कहा कि बैतूल के किसानों ने गेहूं, धान, मक्का और श्रीअन्न के उत्पादन में उल्लेखनीय योगदान देकर प्रदेश की खाद्य सुरक्षा को मजबूत किया है। यही कारण है कि मध्यप्रदेश आज देश के “फूड बास्केट” के रूप में अपनी पहचान बना रहा है।

बलराम कृषि महोत्सव से किसानों तक पहुंचेगी नई तकनीक

मुख्यमंत्री ने बताया कि किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें आधुनिक खेती की जानकारी देने के उद्देश्य से 15 जुलाई से 13 नवंबर तक बलराम कृषि महोत्सव आयोजित किया जा रहा है। इस अभियान के तहत प्रशासन किसानों के बीच पहुंचकर उन्हें नई कृषि तकनीकों, वैज्ञानिक खेती और शासन की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दे रहा है।

उन्होंने किसानों से अपील की कि वे विशेषज्ञों से संवाद करें, नई तकनीकों को अपनाएं और महोत्सव का अधिकतम लाभ उठाएं।

मूंग किसानों को बड़ी राहत

सरकार ने मूंग उत्पादक किसानों को बड़ी राहत देते हुए उपार्जन की पात्रता सीमा 25 प्रतिशत से बढ़ाकर 60 प्रतिशत कर दी है। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि सरकार पात्र किसानों की 60 प्रतिशत मूंग खरीदेगी।

इसके साथ ही स्लॉट बुकिंग की अंतिम तिथि 10 अगस्त तथा मूंग उपार्जन की अंतिम तिथि 20 अगस्त 2026 तक बढ़ा दी गई है। किसानों की सुविधा को देखते हुए खाद वितरण में लागू ई-टोकन व्यवस्था को भी तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिया गया है।

धान और कोदो-कुटकी किसानों को भी लाभ

मुख्यमंत्री ने बताया कि धान उत्पादक किसानों को 4 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर अतिरिक्त सहायता दी जा रही है। वहीं प्रदेश में पहली बार कोदो-कुटकी की रिकॉर्ड खरीदी के साथ किसानों को 1,000 रुपये प्रति क्विंटल बोनस भी सुनिश्चित किया गया है।

तापी बेसिन परियोजना से बढ़ेगी सिंचाई क्षमता

मुख्यमंत्री ने कहा कि बैतूल के दीर्घकालिक विकास के लिए जल संरक्षण और सिंचाई सुविधाओं का विस्तार सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र सरकार के साथ ‘तापी बेसिन मेगा रिचार्ज परियोजना’ के लिए एमओयू हो चुका है।

इस परियोजना से बैतूल, बुरहानपुर और खंडवा सहित पूरे क्षेत्र में सिंचाई क्षमता बढ़ेगी तथा भू-जल संरक्षण को भी मजबूती मिलेगी।

खेत से बाजार तक मजबूत होगी कृषि व्यवस्था

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार खेत से बाजार तक पूरी कृषि मूल्य श्रृंखला को मजबूत करने के लिए कार्य कर रही है। फूड प्रोसेसिंग, वेयरहाउसिंग, कोल्ड चेन, ग्रेडिंग, पैकेजिंग, वैल्यू एडिशन और कृषि निर्यात को लगातार प्रोत्साहित किया जा रहा है, ताकि किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिल सके।

उन्होंने कहा कि सरकार हर कदम पर किसानों के साथ खड़ी है और उसका एकमात्र संकल्प है कि किसानों को उनकी मेहनत का पूरा मूल्य मिले तथा खेती वास्तविक अर्थों में लाभ का व्यवसाय बने।

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