भारतीय ज्ञान परंपरा और संस्कारों से जुड़ेगी नई पीढ़ी, कक्षा 9वीं से लेकर महाविद्यालय स्तर तक के विद्यार्थी ले सकेंगे भाग
भोपाल। मध्यप्रदेश में शिक्षा के साथ भारतीय ज्ञान परंपरा, संस्कृति और संस्कारों को बढ़ावा देने की दिशा में एक नई पहल की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में विद्यार्थियों को भारतीय ज्ञान परंपरा से जोड़ने और उनकी प्रतिभा को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से भगवान श्रीकृष्ण मेधावी छात्रवृत्ति योजना शुरू की गई है।
यह प्रतियोगिता श्रीकृष्ण पाथेय न्यास, भोपाल और संस्कृति विभाग, मध्यप्रदेश शासन के सहयोग से आयोजित की जा रही है। प्रतियोगिता का मुख्य आधार भगवान श्रीकृष्ण की शिक्षा और भारतीय ज्ञान परंपरा है।
14 विद्याओं और 64 कलाओं पर आधारित होगी प्रतियोगिता
प्रतियोगिता में भगवान श्रीकृष्ण द्वारा महर्षि सांदीपनि के आश्रम में अर्जित 14 विद्याओं और 64 कलाओं को केंद्र में रखा गया है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को भारतीय ज्ञान, संस्कृति और परंपराओं के विविध आयामों से परिचित कराना है।
102 मेधावी विद्यार्थियों को मिलेगी छात्रवृत्ति
योजना की खास बात यह है कि प्रतियोगिता में चयनित 102 मेधावी विद्यार्थियों को एक-एक लाख रुपये की छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी। इस पहल से विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के साथ-साथ उच्च शिक्षा के लिए आर्थिक प्रोत्साहन भी मिलेगा।
कौन ले सकता है प्रतियोगिता में भाग?
भगवान श्रीकृष्ण मेधावी छात्रवृत्ति योजना में मध्यप्रदेश के विभिन्न स्तरों के विद्यार्थी भाग ले सकते हैं। इनमें—
- कक्षा 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थी
- महाविद्यालय के विद्यार्थी
- विश्वविद्यालय के विद्यार्थी
- पॉलिटेक्निक के विद्यार्थी
- आईटीआई के विद्यार्थी
शामिल हैं।
भारतीय ज्ञान परंपरा से जुड़ने का अवसर
यह योजना विद्यार्थियों के लिए केवल छात्रवृत्ति हासिल करने का माध्यम नहीं है, बल्कि उन्हें भारतीय ज्ञान परंपरा, संस्कृति और संस्कारों से जोड़ने का एक महत्वपूर्ण मंच भी प्रदान करती है।
योजना के माध्यम से विद्यार्थियों को भगवान श्रीकृष्ण के जीवन, उनकी शिक्षा और महर्षि सांदीपनि के आश्रम की ज्ञान परंपरा से जुड़े विषयों को जानने और समझने का अवसर मिलेगा।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश सरकार शिक्षा को संस्कृति, संस्कार और भारतीय परंपराओं से जोड़ने पर जोर दे रही है। भगवान श्रीकृष्ण मेधावी छात्रवृत्ति योजना इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में सामने आई है।
मेधा, संस्कृति और संस्कार के मूल्यों के साथ प्रदेश के विद्यार्थियों को सशक्त बनाने और उनकी प्रतिभा को प्रोत्साहित करने वाली यह योजना युवाओं के लिए शिक्षा के साथ अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ने का अवसर भी उपलब्ध कराएगी।
मध्यप्रदेश में शिक्षा के साथ-साथ भारतीय ज्ञान परंपरा और संस्कारों को बढ़ावा देने की दिशा में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सरकार लगातार नई पहल कर रही है। इसी कड़ी में भगवान श्रीकृष्ण मेधावी छात्रवृत्ति योजना विद्यार्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर लेकर आई है।
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