- एसआईईटी के मीटिंग हॉल में कक्षा 9 से 12 के लिए शैक्षिक वीडियो निर्माण कार्यशाला आयोजित
- लखनऊ मंडल के विभिन्न माध्यमिक विद्यालयों के 18 प्रवक्ता एवं सहायक अध्यापकों ने लिया प्रतिभाग
- वीडियो, रील्स, एनीमेशन और बुलेट प्वाइंट के जरिए जटिल विषयों को विद्यार्थियों के लिए सरल बनाने पर जोर
- भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान, मनोविज्ञान, अर्थशास्त्र और गणित पर तैयार होगी डिजिटल सामग्री
कठिन विषयों को किताब के पन्नों तक सीमित रखने के बजाय वीडियो, एनीमेशन और दृश्य सामग्री के माध्यम से विद्यार्थियों तक पहुंचाने की दिशा में योगी सरकार माध्यमिक शिक्षा को तकनीक से जोड़ रही है। इसी सोच के तहत बुधवार को राज्य शैक्षिक तकनीकी संस्थान (एसआईईटी), उत्तर प्रदेश के मीटिंग हॉल में कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों के लिए विभिन्न विषयों पर शैक्षिक वीडियो निर्माण संबंधी कार्यशाला आयोजित की गई। पहल का उद्देश्य शिक्षकों की विषय विशेषज्ञता को डिजिटल तकनीक से जोड़कर ऐसी गुणवत्तापूर्ण सामग्री तैयार करना है, जिससे जटिल अवधारणाएं विद्यार्थियों के लिए सरल, रोचक और सहज बन सकें।
कार्यशाला में लखनऊ मंडल के विभिन्न माध्यमिक विद्यालयों से 18 प्रवक्ता एवं सहायक अध्यापकों ने प्रतिभाग किया। प्रातः 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक आयोजित कार्यशाला का शुभारंभ एसआईईटी निदेशक डॉ. मुकेश चंद्र ने किया। इस अवसर पर अपर निदेशक, व्यावसायिक शिक्षा सुरेंद्र तिवारी तथा राज्य शैक्षिक तकनीकी संस्थान के प्रशासनिक अधिकारी अजीत कुमार सिंह सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
योगी सरकार का प्रयास माध्यमिक शिक्षा में शिक्षक की विषय विशेषज्ञता और आधुनिक तकनीक का प्रभावी संगम तैयार करना है। शैक्षिक वीडियो जैसे डिजिटल संसाधनों के माध्यम से कक्षा 9 से 12 के विद्यार्थियों को कठिन विषयों को अपनी गति और समझ के अनुसार सीखने के अतिरिक्त अवसर मिलेंगे। यह पहल तकनीक को शिक्षा का विकल्प नहीं, बल्कि बेहतर शिक्षक प्रशिक्षण और प्रभावी शिक्षण का सशक्त माध्यम बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
डिजिटल माध्यम से आसान होगी कठिन पढ़ाई
कार्यशाला में कोविड-19 के दौरान बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग द्वारा तैयार किए गए शैक्षिक वीडियो के अनुभवों को साझा करते हुए बताया गया कि कम समय में वीडियो, रील्स, एनीमेशन और बुलेट प्वाइंट जैसे माध्यमों का प्रभावी उपयोग कर कठिन विषयों और अवधारणाओं को विद्यार्थियों के लिए सरल बनाया जा सकता है। इसी अनुभव को आगे बढ़ाते हुए विषयवार गुणवत्तापूर्ण डिजिटल शिक्षण सामग्री तैयार करने पर जोर दिया गया।
विषय विशेषज्ञता और तकनीक का होगा संगम
कार्यशाला में भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान, मनोविज्ञान, अर्थशास्त्र और गणित जैसे विषयों पर शैक्षिक वीडियो तैयार करने की संभावनाओं पर चर्चा हुई। शिक्षकों को अपनी विषय विशेषज्ञता को डिजिटल तकनीक से जोड़ते हुए विद्यार्थियों के कक्षा स्तर और सीखने की जरूरत के अनुरूप सामग्री तैयार करने के लिए मार्गदर्शन दिया गया। इससे कठिन अवधारणाओं को दृश्य माध्यम से समझाने और सीखने की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी।
शिक्षकों को वीडियो निर्माण की तकनीकी समझ
एससीईआरटी के प्रवक्ता कमल किशोर ने शैक्षिक वीडियो की रूपरेखा और निर्माण से संबंधित दिशा-निर्देश साझा किए। इसके बाद प्रतिभागियों को विषयवस्तु चयन, प्रस्तुतीकरण तथा वीडियो निर्माण के तकनीकी पहलुओं से अवगत कराया गया। कार्यशाला के अंत में एसआईईटी निदेशक डॉ. मुकेश चंद्र ने प्रतिभागियों के साथ भविष्य की कार्ययोजना साझा की।
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