उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के तुर्कपट्टी स्थित ऐतिहासिक एवं गुप्तकालीन सूर्य मंदिर में चतुर्थ सूर्य मूर्ति प्राकट्य उत्सव-2026 के अवसर पर आस्था, संस्कृति और सनातन परंपरा का भव्य संगम देखने को मिला। इस अवसर पर 151 पवित्र नदियों और प्रमुख तीर्थ स्थलों के जल से भगवान सूर्य का महाजलाभिषेक किया गया।
पूर्वांचल महोत्सव परिवार के तत्वावधान में आयोजित भव्य शोभायात्रा कसया स्थित रामजानकी मठ से शुरू हुई। श्रद्धालु 151 पवित्र नदियों और प्रमुख धार्मिक स्थलों के जल से भरे कलश लेकर गाजे-बाजे, शंखनाद और जयघोष के साथ तुर्कपट्टी स्थित सूर्य मंदिर पहुंचे। यात्रा के दौरान विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर शोभायात्रा का भव्य स्वागत किया, जिससे पूरा क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में सराबोर हो गया।
इस विशेष धार्मिक आयोजन में उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह भी शामिल हुए। उन्होंने भगवान सूर्य के महाजलाभिषेक में सहभागिता करते हुए प्रदेश एवं देशवासियों के सुख, समृद्धि और मानव कल्याण की कामना की।
पूर्वांचल महोत्सव परिवार के अध्यक्ष विनय राय ने बताया कि इस वर्ष के आयोजन का मुख्य आकर्षण 151 पवित्र नदियों और प्रमुख धार्मिक स्थलों के जल से भगवान सूर्य का महाजलाभिषेक रहा। उन्होंने कहा कि इस उत्सव का उद्देश्य भारतीय संस्कृति, सनातन परंपरा और सूर्य उपासना की प्राचीन एवं गौरवशाली विरासत का संरक्षण तथा उसका व्यापक प्रचार-प्रसार करना है।
धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक विरासत से जुड़े इस आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। भजन-कीर्तन, शंखनाद और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच संपन्न हुआ यह आयोजन श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र रहा और पूरे क्षेत्र में श्रद्धा एवं उत्साह का वातावरण देखने को मिला।
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